मेड-इन-इंडिया सुजुकी एस-प्रेसो की सेफ्टी रेटिंग हुई बेहतर, बॉडीशेल इंटिग्रिटी अब भी अस्थिर

संशोधित: जून 30, 2022 04:57 pm | स्तुति | मारुति एस-प्रेसो

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maruti s-presso

  • एस-प्रेसो को एडल्ट सेफ्टी के लिए 3-स्टार और चाइल्ड सेफ्टी प्रोटेक्शन के लिए 2-स्टार रेटिंग मिली है। 

  • क्रैश-टेस्टेड मॉडल में ड्यूल एयरबैग्स, एबीएस के साथ ईबीडी और सीटबेल्ट प्रीटेन्शनर जैसे फीचर्स स्टैंडर्ड दिए गए थे। 

  • जब एस-प्रेसो भारतीय मॉडल का टेस्ट किया गया था तब कार में केवल ड्राइवर एयरबैग्स ही स्टैंडर्ड दिए गए थे। इसमें प्रीटेन्शनर फीचर उपलब्ध नहीं था। 

  • इस गाड़ी के बॉडीशेल को अस्थिर बताया गया है।  

  • आइएसओफिक्स सीट माउंट, रियर पैसेंजर के लिए थ्री-पॉइंट सीटबेल्ट और चाइल्ड रेस्ट्रेन्ट सिस्टम जैसे फीचर्स की कमी के कारण इसे ख़राब चाइल्ड प्रोटेक्शन रेटिंग मिली है। 

मारुति सुजुकी एस-प्रेसो को साउथ अफ्रीका में आयोजित हुए ग्लोबल एनकैप के क्रैश टेस्ट में 3-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। यह मेड-इन-इंडिया मारुति सुजुकी एस-प्रेसो ही है जिसे मारुति साउथ अफ्रीका समेत अलग-अलग मार्केट में एक्सपोर्ट करती है। बता दें कि इस हैचबैक के भारतीय वर्जन का क्रैश टेस्ट 2020 में किया गया था जिसमें इस गाड़ी को 0-स्टार रेटिंग मिली थी। ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि साउथ अफ्रीका में बिकने वाले इस मॉडल को अच्छा स्कोर कैसे मिला है?

इस क्रैश टेस्टेड 2022 मॉडल में ड्यूल एयरबैग्स, एबीएस के साथ ईबीडी, सीट बेल्ट प्रीटेंशनर जैसे फीचर्स स्टैंडर्ड दिए गए हैं। हालांकि, जब एस-प्रेसो के भारतीय वर्जन का टेस्ट किया गया था तब गाड़ी में केवल ड्राइवर-साइड एयरबैग ही स्टैंडर्ड मिलता था और इसमें प्रीटेंशनर फीचर नहीं दिया गया था। साउथ अफ्रीकन वर्जन में यह दोनों फीचर्स (स्टैंडर्ड) जुड़ने से इसकी सेफ्टी रेटिंग बेहतर हो गई है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि एस-प्रेसो के भारतीय वर्जन में भी अब यह सेफ्टी फीचर्स स्टैंडर्ड मिलते हैं। 

एडल्ट सेफ्टी के मामले में इस कार में यह सुधार होना एक पॉज़िटिव साइन है, लेकिन कार की बॉडीशेल इंटिग्रिटी अभी भी एक मुद्दा बना हुआ है क्योंकि इसे 'अस्थिर' करार दिया गया है। ग्लोबल एनकैप के क्रैश टेस्ट में इस गाड़ी में ड्राइवर के छाती के हिस्से के प्रोटेक्शन को 'कमज़ोर' बताया गया है, जबकि ड्राइवर के घुटने के प्रोटेक्शन को 'ठीक-ठाक' रिमार्क दिया गया है। हालांकि, ड्राइवर और पैसेंजर के गर्दन और सिर के हिस्से के प्रोटेक्शन को 'अच्छा' बताया गया है।  

maruti s-presso

चाइल्ड सेफ्टी के मामले में मारुति एस-प्रेसो को 2-स्टार रेटिंग मिली है जो इस गाड़ी के भारतीय वर्जन के क्रैश टेस्ट के परिणामों के बराबर है। इस कार में आइएसोफिक्स सीट माउंट, सभी पैसेंजर के लिए थ्री-पॉइंट सीटबेल्ट और चाइल्ड रेस्ट्रेन्ट सिस्टम जैसे फीचर्स का अभाव है जिसके चलते इसे खराब रेटिंग मिली है।  

ग्लोबल एनकैप के प्रोटोकॉल्स जुलाई 2022 से और सख्त जाएंगे जिसके चलते कारों के लिए अच्छी सेफ्टी रेटिंग हासिल करना भी बेहद मुश्किल हो जाएगा। वहीं, भारतीय सरकार ने भी भारत एनकैप क्रैश टेस्ट प्रोग्राम को मंजूरी दे दी है जिससे भारत में बेची जाने वाली कारों की सेफ्टी का पता लगना आसान हो जाएगा।भारत एनकैप के क्रैश टेस्ट 1 अप्रैल 2023 से शुरू हो जाएंगे।  

यह भी पढ़ें : हुंडई ऑरा vs वरना : 'Car2Car' क्रैश टेस्ट में सामने आए चौंकाने वाले नतीजे

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