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हुंडई सैंट्रो : 1998 से है भारत की पसंदीदा फैमिली कार

संशोधित: नवंबर 19, 2020 01:01 pm | sponsored | हुंडई सैंट्रो

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भारत में आर्थिक उदारीकरण के बाद से भारतीय ग्राहकों के लिए एक अच्छे डिजाइन वाली, फीचर लोडेड कार तैयार करना जिसकी कीमत भी कम हो, एक चुनौती रहा है। 1998 में हुंडई ने सैंट्रो को लॉन्च करते हुए इस भ्रम को तोड़ा था।

सैंट्रो ने अपने सेगमेंट में नए आयाम स्थापित किए हैं। उदाहरण के तौर पर ये भारत की पहली हैचबैक थी जिसमें कार्ब्यूरेटर सेटअप के बजाए एमपीएफआई (मल्टी-पॉइन्ट फ्यूल इंजेक्शन) सिस्टम दिया गया। 

इसकी प्राइस भी काफी अफोर्डेबल रखी गई थी जिससे ये काफी हिट साबित हुई और भारत के कई घरों में इसने अपनी एक खास जगह बनाई। अब हुंडई सैंट्रो का लेटेस्ट जनरेशन मॉडल बाजार में आ चुका है जिसका डिजाइन एकदम नया है, इंटीरियर काफी प्रीमियम है, इसमें एडवांस्ड फीचर्स दिए गए हैं और ये अच्छे सेफ्टी फीचर्स से भी लैस है। 

चलिए जानते हैं आखिर क्यूं 1998 से सैंट्रो भारतीय परिवारों की फेवरेट कार रही है। 

शानदार था 1998 का डिजाइन

1998 में जब हुंडई सैंट्रो को लॉन्च किया गया था तो इसका टॉल बॉय डिजाइन लोगों को काफी पसंद आया था। हालांकि इसके लेटेस्ट जनरेशन मॉडल का डिजाइन अब उतना ऊंचा नहीं है, मगर अब ये ज्यादा चौड़ी हो गई है जिससे केबिन स्पेस बढ़ गया है। 

इसमें पहले की तरह फ्रंट और रियर में हेडरूम की कोई कमी महसूस नहीं होती है। अपने सेगमेंट की ये सबसे चौड़ी कारों में से एक है और इसकी रियर सीट पर औसत कद काठी के तीन वयस्क पैसेंजर तो बड़े आराम से बैठ सकते हैं। 

नई सैंट्रो में कास्केडिंग ग्रिल और बड़े हेडलैंप्स दिए गए हैं। साथ ही इसमें 8 कलर्स का ऑप्शन दिया गया है जो काफी आकर्षक है। 

इंटीरियर भी लाजवाब

हुंडई सैंट्रो में पहले भी काफी अच्छे फीचर्स दिए गए थे और अब भी ये कार कुछ मॉडर्न फीचर्स के साथ उपलब्ध है। उदाहरण के तौर पर सैंट्रो अपने सेगमेंट की पहली कार थी जिसमें एयर कंडीशनिंग का फीचर स्टैंडर्ड दिया गया था। 

अब सैंट्रो के लेटेस्ट जनरेशन मॉडल में रियर एसी वेंट्स जैसा फीचर स्टैंडर्ड दिया गया है। यहां तक कि हैचबैक सेगमेंट में केवल सैंट्रो ही ऐसी कार है जिसमें रियर एसी वेंट्स का फीचर दिया गया है जो कि भारत में गर्मी के मौसम के लिहाज से पैसेंजर्स को काफी कंफर्ट देता है। 

इंटीरियर की क्वालिटी भी एक फैक्टर है जो सैंट्रो को उसके मुकाबले में मौजूद कारों से हटकर बनाती है। इसमें टू टोन ब्लैक और बैज कलर से इंटीरियर की फिनिशिंग की गई है जिसमें स्पोर्टीनैस के लिए गोल्ड इंसर्ट्स भी दिए गए हैं। कुल मिलाकर सैंट्रो के प्रीमियम इंटीरियर का दूसरी कारों के मुकाबले कोई मैच नहीं है और इसे देखकर किसी महंगी कार में बैठने जैसा अहसास होता है। 

1998 से जारी है टेक्नोलॉजी बेस्ड फीचर दिए जाने का सिलसिला 

सैंट्रो में ड्राइवर और पैसेंजर्स के लिए टेक्नोलॉजी बेस्ड फीचर्स देकर हुंडई ने दूसरी कारों को कड़ी चुनौती दे डाली थी। उदाहरण के तौर पर सैंट्रो पहली ऐसी हैचबैक रही जिसमें फॉगलैंप्स, रियर डिफॉगर, एडजस्टेबल हेड ​रेस्ट्रेंट और ऑल राउंड पावर विंडो जैसे फीचर्स दिए गए थे। 

इसके लेटेस्ट जनरेशन मॉडल में भी काफी सारे टेक्नोलॉजी पर बेस्ड फीचर्स दिए गए हैं जिनमें एंटरटेनमेंट और कंफर्ट दोनों का कॉम्बिनेशन मिलता है। इनमें सबसे पहले है 7 इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम जो काफी स्मूद है और आराम से ऑपरेट होता है। 

इसका इंफोटेनमेंट सिस्टम एंड्रॉयड ऑटो और एपल कारप्ले कनेक्टिविटी से भी लैस है जो आपके स्मार्टफोन से कनेक्ट हो जाता है और कॉल रिसीव कर सकते हैं, म्यूजिक प्लेबैक कंट्रोल कर सकते हैं और लाइव नेविगेशन का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये फीचर ट्रैफिक में कहीं फंसे होने पर काफी काम आता है जहां इंतजार करते हुए आप खुद को एंटरटेन कर सकते हैं। 

सैंट्रो में दिए गए टेक्नोलॉजी पर बेस्ड फीचर्स ना सिर्फ कार ड्राइव करते वक्त आपकी लाइफ आसान बनाते हैं बल्कि आपके मंजिल पर पहुंचने के बाद भी ये आपके काफी काम आते हैं। उदाहरण के तौर पर सैंट्रो में रिवर्सिंग कैमरा और पार्किंग सेंसर्स का फीचर दिया गया है जिससे आपको गाड़ी पार्क करने में काफी आसानी रहती है। 

1998 से परफॉर्मेंस और सेफ्टी के मोर्चे पर खरा उतरने वाली कार

जैसा कि हमने आपको पहले भी बताया था कि हुंडई सैंट्रो के सबसे पहले मॉडल में एमपीएफआई टेक्नोलॉजी दी गई थी इसके बाद इसमें 3 वॉल्व एसओएचसी सेटअप लाया गया जिससे सैंट्रो का 1.0 लीटर 4 सिलेंडर इंजन ज्यादा रिफाइन हो गया, साथ ही ये अपने सेगमेंट में सबसे अच्छा माइलेज देने वाली कार भी बन गई। 

अब नई सैंट्रो में 1.1 लीटर बीएस6 पेट्रोल इंजन दिया गया है जो नए आयम ​स्थापित कर रहा है और इस सेगमेंट में जहां आमतौर पर कारों में 3 सिलेंडर इंजन दिया जा रहा है, वहीं सैंट्रो का इंजन 4 सिलेंडर है। यह 69 पीएस की पावर और 99 एनएम का टॉर्क जनरेट करने में सक्षम है। यह इंजन काफी अच्छे तरीके से रिफाइंड किया गया है और यह 20.3 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देने में सक्षम है। 

इस इंजन के साथ 5-स्पीड मैनुअल और एएमटी गियरबॉक्स का ऑप्शन रखा गया है। सैंट्रो पहली ऐसी कार बनी जिसमें एएमटी गियरबॉक्स का भी ऑप्शन दिया जाने लगा। इसका मैनुअल गियरबॉक्स भी काफी अच्छा है और सिटी ड्राइविंग के लिहाज से एएमटी गियरबॉक्स आपको कंफर्ट देता है। 

सेफ्टी के​ लिहाज से भी सैंट्रो काफी अच्छी गाड़ी है जिसमें सबसे पहले रियर सीटबेल्ट का फीचर पेश किया गया था। इसके अलावा सैंट्रो में अब को ड्राइवर एयरबैग, फ्रंट सीटबेल्ट प्रीटेंशनर और ईबीडी के साथ एबीएस जैसे सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं।

शानदार वॉरन्टी पैकेज

1998 से पहले तक भारत में हुंडई ब्रांड को काफी कम लोग ही जाना करते थे। फिर इस कंपनी ने साउथ कोरिया से बाहर आकर चेन्नई में अपना पहला मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाया। वहीं कंपनी ने भारत में ही सेंट्रो पर से दुनिया के सामने सबसे पहले पर्दा उठाया। नतीज़तन लोगों में हुंडई ब्रांड को लेकर विश्वसनीयता और बढ़ गई। 

कंपनी अब सेंट्रो के लेटेस्ट जनरेशन मॉडल के साथ इंडस्ट्री में सबसे बेस्ट 3 साल या 1 लाख किलोमीटर वॉरन्टी पैकेज दे रही है। अपने अच्छे खासे नेटवर्क के साथ कंपनी 3 साल रोडसाइड असिस्टेंस की पेशकश भी कर रही है जिससे आप राहों में कहीं भी नहीं अटक पाएंगेे। 

1998 से सबसे बेस्ट हैचबैक

इंजन रिफाइनमेंट,टेक्नोलॉजी और विश्वसनीयता ही ऐसे फैक्टर्स हैं जिससे लोगों ने हुंडई सैंट्रो में एक परफैक्ट फैमिली कार को पाया। अब इसका लेटेस्ट जनरेशन मॉडल नई स्टाइलिंग,प्रीमियर इंटीरियर,रिच फीचर लिस्ट और अफोर्डेबिलिटी जैसे फैक्टर्स लिए हुए है जिसे आज के जमाने की फैमिली कार कहा जा सकता है। 

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