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देश के सबसे पॉपुलर 1.3-लीटर मल्टीजेट डीजल इंजन का प्रोडक्शन हुआ बंद 

प्रकाशित: जनवरी 28, 2020 12:15 pm । nikhil

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फ़िएट क्रिसलर ऑटोमोबाइल (एफसीए) ने अपने 1.3-लीटर मल्टीजेट डीजल इंजन का प्रोडक्शन बंद कर दिया है। इस इंजन को कंपनी ने जनरल मोटर के साथ मिलकर तैयार किया था जो बाद में भारतीय बाजार में प्रवेश के साथ देश के सबसे पॉपुलर डीजल इंजन के रूप में उभरा। चूँकि देश में अप्रैल 2020 से बीएस6 नॉर्म्स लागू होने है ऐसे में इस इंजन को नए उत्सर्जन मानकों पर अपडेट नहीं करने का फैसला पहले ही ले लिया गया था। हाल ही में फ़िएट के प्लांट की एक इमेज सामने आई है जिसमें इस इंजन को किसी हीरो की तरह माला पहनकर विदाई दी जा रही है। 

इस इंजन का छोटा साइज इसकी सफलता का सबसे बड़ा मुख्य कारण है, जिसके चलते इसे किसी भी छोटी कार में आसानी से फिट किया जा सकता था। यह इंजन किसी अन्य छोटे डीजल इंजन से ज्यादा रिफाइन और किफायती था और इसकी परफॉर्मेंस बेमिसाल थी। 

इस इंजन का प्रोडक्शन अब भले ही बंद हो गया है लेकिन आने वाले 10 सालों तक कंपनी इसके पार्ट्स उपलब्ध करवाती रहेगी।

फ़िएट का यह डीजल इंजन भारत में मारुतिटाटा, फ़िएट, शेवरले और प्रीमियर की कुल 24 कारों में दिया गया था। इनमे देश की सबसे पॉपुलर हैचबैक मारुति सुजुकी स्विफ्ट, सबसे पॉपुलर सेडान डिजायर, फ़िएट पुंटो, टाटा ज़ेस्ट आदि शामिल हैं। इस इंजन की टॉर्क डिलीवरी कमाल की थी। मारुति ने इस इंजन को "डीडीआईएस'' नाम दिया था तो वहीं टाटा ने इसे ''क्वाड्राजेट'' इंजन कहां। 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह इंजन कुल 5 अलग-अलग आउटपुट कॉनफ्रीगरेशन में उपलब्ध है। हालांकि, इंडिया में यह दो ही ट्यूनिंग में आता था जिनमे 75पीएस/190एनएम और 90पीएस/200एनएम शामिल हैं।   

सौजन्य: एफसीए का कर्मचारी 1.3-लीटर मल्टीजेट इंजन के आखरी प्रोडक्शन यूनिट के साथ अपनी फोटो खींचते हुए 

इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था। इसमें इंजन के पास रखे एक कार्ड पर लिखा गया है कि यह फ़िएट के रंजनगांव प्लांट में बने इस इंजन की 8,00,048 वीं यूनिट है। यह एक बड़ी संख्या है। आपको जानकारी के लिए बता दें कि इस इंजन को मारुति भी अपने प्लांट में बनाती है और वे फिएट की तुलना में कहीं ज्यादा कारें बेचती हैं। ऐसे में अप्रैल 2020 के आसपास जब मारुति भी इस इंजन के उत्पादन को बंद कर देगी तब तक भारतीय सड़कों पर इस इंजन का उपयोग कर रही कुल कारों की संख्या की शायद आप कल्पना भी ना कर पाएं। 

ऐसे में सवाल उठता है कि क्यों मारुति या फ़िएट इस इंजन को बीएस6 नॉर्म्स पर अपग्रेड नहीं कर रही है? संक्षिप्त में उत्तर दिया जाए तो यह इंजन इस उद्देश्य से नहीं बनाया गया है और इसे बीएस6 मानकों पर अपग्रेड करने में काफी पूंजी निवेश होगा और इससे इस इंजन की कीमत भी बढ़ जाएगी। इसके अलावा, इस अपडेट के चलते इंजन के रिफाइनमेंट, माइलेज और परफॉर्मेंस पर भी असर पड़ सकता है। इसके अलावा, वर्तमान में फिएट की खराब सेल्स फिगर इस इंजन को अपग्रेड करना सही नहीं ठहराते। वहीं, मारुति की योजना अब पेट्रोल कारों पर केंद्रित है और टाटा अपने लिए नए डीजल इंजन का निर्माण कर चुकी है। जबकि शेवरले और प्रीमियर पहले ही भारतीय बाजार छोड़ चुकी है।

कुल मिलकर यह एक ब्रेक-अप की तरह है जहां ग्राहकों को इस इंजन के साथ अपने अच्छे रिश्तों को छोड़ना होगा। 

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