रेनो-निसान अलायंस ने अपने ईवी रोड मैप से उठाया पर्दा, 2030 तक दुनियाभर में 35 इलेक्ट्रिक व्हीकल्स किए जाएंगे लॉन्च

संशोधित: जनवरी 28, 2022 11:33 am | भानु

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रेनो, निसान और मित्सुबिशी के बीच ऑटोमोटिव अलायंस ने 2030 तक के लिए अपने कलेक्टिव इलेक्ट्रिफिकेशन रोडमैप से पर्दा उठा दिया है। इस प्लान में शेयर्ड प्लेटफॉर्म्स पर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स तैयार करने,कॉमन बैट्री टेक्नोलॉजी और निवेश और इनोवेशन शामिल है।

जहां मित्सुबिशी की भारत में वापसी करने की कोई प्लानिंग नहीं है तो वहीं रेनो निसान यहां अब अच्छा काम कर रही है। हम पहले भी रेनो निसान को काइगर और मैग्नाइट के रूप में प्रोडक्ट शेयर करते हुए देखा है। इस अलायंस के तहत कॉमन प्लेटफॉर्म्स पर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स भी तैयार किए जाएंगे। 

ये अलायंस 2030 तक पूरी दुनिया में 35 नई इलेक्ट्रिक कारें लॉन्च करेगा जिनमें 90 प्रतिशत तक 5 कॉमन ईवी प्लेटफॉर्म पर बेस्ड होंगी। 

सीएमएफ एईवी: ये सबसे अफोर्डेबल प्लेटफॉर्म है जिसपर डासिया स्प्रिंग (Kwid EV)भी तैयार की जा चुकी है। 

केईआई ईवी: जापान जैसे ईस्ट एशियन मार्केट्स के लिए कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक व्हीकल्स तैयार किए जाएंगे इस प्लेटफॉर्म पर

एलसीवी ईवी: वैन जैसे कमर्शियल व्हीकल्स के लिए 

सीएमएफ ईवी: इस पर निसान आरिया इलेक्ट्रिक एसयूवी भी तैयार की जा चुकी है जो भारत में लॉन्च नहीं की जाएगी। इस प्लेटफॉर्म पर न्यू जनरेशन इलेक्ट्रिक कारें तैयार की जाएंगी। 

सीएमएफ बीईवी: 2024 में डेब्यू करने जा रहे इस प्लेटफॉर्म पर 400 किलोमीटर तक की रेंज देने वाले कॉम्पैक्ट व्हीकल्स किए जा सकेंगे तैयार। रेनो और निसान इसपर मास मार्केट इलेक्ट्रिक व्हीकल्स करेंगे तैयार 

इसके अलावा निसान ने ऐलान किया है कि अपने सीएमएफ बीईवी प्लेटफॉर्म पर माइक्रा एंट्री लेवल हैचबैक का इलेक्ट्रिक अवतार तैयार करेगी।  कंपनी ने अपने इलेक्ट्रिफिकेशन रोडमैप स्ट्रेटिजी में बताया था कि वो 2030 तक 23 नए इलेक्ट्रिफाइड मॉडल्स उतारेगी जिनमें 15 इलेक्ट्रिक व्हीकल्स शामिल हैं। 

यह भी पढ़ें: निसान ने अपने फ्यूचर इलेक्ट्रिक व्हीकल प्लान से उठाया पर्दा, 23 नई इलेक्ट्रिक कारें करेगी लॉन्च

कॉमन ईवी प्लेटफॉर्म्स के साथ साथ ये तीनों ब्रांड्स अफोर्डेबिलिटी के लिए एक कॉमन बैट्री स्ट्रेटिजी का भी इस्तेमाल करेगी। 2026 में इस अलायंस ने बैट्री कॉस्ट में 50 प्रतिशत कमी लाने का लक्षय रखा है और 202 तक इसमें 65 प्रतिशत तक कटौती करने का लक्षय रखा है। 2030 तक पूरी दुनिया में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए बैट्री प्रोडक्शन कैपेसिटी 220 जीडब्ल्यूएच करने का भी लक्षय रखा गया है। 

इस अलायंस में शामिल अलग अलग मेंबर्स फ्यूचर प्रोडक्ट्स के लिए तैयार किए गए रोडमैप पर अपना अपना कौशल दिखाएंगे। जहां निसान सॉलिड स्टेट बैट्रियां तैयार करेगी जो मौजूदा लिथियम आयन बैट्रियों से ज्यादा पावरफुल होती है और इन्हें चार्ज करने में भी कम समय लगता है। 

दूसरी तरफ रेनो इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और कंपोनेंट्स के लिए एक कॉमन सेंट्रलाइज्ड आर्किटेक्चर तैयार करेगी। इससे सभी ब्रांड्स को कम लागत में ज्यादा फायदा होगा। इसके अलावा 2025 तक ये अलायंस एक पूरी तरह से सॉफ्टवेयर डिफाइंड व्हीकल भी तैयार करेगा जिसका प्रीमियर 2025 में होगा। 

उपर बताए गए इलेक्ट्रिफिकेशन और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स प्लान तैयार करने के अपने लक्षय को पूरा करने के लिए ये अलायंस अगले पांच सालों में 23 बिलियन यूरो खर्च करेगा। ये निवेश मेंबर ब्रांड्स के बीच बांटा जाएगा।

यह भी पढ़ें: भारत में इस साल लॉन्च होने जा रही सभी इलेक्ट्रिक कारों की लिस्ट देखिए यहां

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