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फॉक्सवेगन टिग्वॉन में क्या है अच्छा और कहां रह गई कमी, जानिए यहां

प्रकाशित पर Jun 12, 2017 02:45 PM द्वारा akash for फॉक्सवेगन टिग्वान

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फॉक्सवेगन ने मई 2017 में अपनी चर्चित एसयूवी टिग्वॉन को लॉन्च किया था, यह दो वेरिएंट कंफर्टलाइन और हाइलाइन में उपलब्ध है, इनकी कीमत क्रमशः 27.98 लाख और 31.38 लाख रूपए (एक्स-शोरूम, दिल्ली) है। यह मुकाबले में मौजूद हुंडई ट्यूसॉन से काफी महंगी है, अतिरिक्त फीचर इसकी बढ़ी हुई कीमत को जायज़ ठहराते हैं। यहां हम बात करेंगे फॉक्सवेगन टिग्वॉन की खासियतों और इस में मौजूद कमियों के बारे में...  

 फॉक्सवेगन टिग्वॉन की खासियतें

1. आक्रामक कीमत पर लग्ज़री ब्रांड वाली क्वालिटी

टिग्वॉन को फॉक्सवेगन ग्रुप के मॉड्यूलर ट्रांसवर्स मैट्रिक्स (एमक्यूबी) प्लेटफार्म पर तैयार किया गया है, इसी प्लेटफार्म पर स्कोडा सुपर्ब और ऑडी ए3 भी बनी है। टिग्वॉन को ना केवल सुपर्ब और ए3 वाले प्लांट में एसेंबल किया जा रहा है, बल्कि इस में इस्तेमाल हुई काफी सारी चीजें भी इन्हीं कारों से ली गई हैं, इसमें इस्तेमाल हुए मैटेरियल की क्वालिटी काफी अच्छी है, इस में इस्तेमाल हुआ प्लास्टि काफी सॉफ्ट है, सीटों और स्टीयरिंग व्हील पर विएना लैदर चढ़ा है, जो लग्ज़री अहसास देता है।

2. आकर्षक डिजायन, अच्छी बिल्ड क्वालिटी

फॉक्सवेगन टिग्वॉन, बोल्ड एसयूवी से ज्यादा स्टेशन वेगन जैसी नज़र आती है, इसका डिजायन सिंपल है लेकिन यह कहीं से भी बोरिंग नहीं लगती है। लग्ज़री कारों को प्राथमिकता देने वाले ग्राहकों को भी टिग्वॉन पसंद आएगी। इसके चौड़े व्हीलआर्च के अलावा बाहरी पैनल का डिजायन साफ-सुथरा है, यहां सीधी कर्व लाइनें दी गई हैं। इसके डिजायन को सदाबहार कह सकते हैं, जो लंबे वक्त में भी अपना प्रभाव बनाए रखता है। बिल्ड क्वालिटी के मामले में तो फॉक्सवेगन पहले से ही अव्वल रही है, टिग्वॉन में भी आपको इसका अहसास दरवाजे खोलते और बंद करते ही हो जाएगा।

3. अच्छी स्टैंडर्ड फीचर लिस्ट

टिग्वॉन में काफी सारे फीचर स्टैंडर्ड दिए गए हैं, इसके कंफर्टलाइन वेरिएंट में एपल कारप्ले और एंड्रॉयड ऑटो सपोर्ट करने वाला टचस्क्रीन इंफोटेंमेंट सिस्टम, ऑटोमैटिक फुल-एलईडी हैडलैंप्स, डे-टाइम रनिंग एलईडी लाइटें, थ्री-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, हीटेड ड्राइवर सीट के साथ मैमोरी फंक्शन, कर्टन और साइड एयरबैग, इलेक्ट्रिकली खुलने वाला टेलगेट दिया गया है।

अगर आपका बज़ट ज्याजा है तो हाइलाइन वेरिएंट ले सकते हैं, इस में कुछ और फीचर मिलेंगे, जिन में 18 इंच के अलॉय व्हील, सेल्फ-सीलिंग टायर्स, एलईडी टेललैंप्स, सनरूफ के साथ एलईडी लाइटिंग, रिवर्स पार्किंग कैमरा और पुश बटन स्टार्ट-स्टॉप शामिल हैं। अगर आप दूसरी एंट्री-लेवल लग्ज़री एसयूवी में ये सभी फीचर लेंगे तो उसके टॉप वेरिएंट की कीमत 40 लाख रूपए से ऊपर जाएगी, ऐसे में टिग्वॉन आपके लिए वैल्यू-फोर-मनी प्रोडक्ट साबित हो सकता है।

4. जगहदार केबिन

टिग्वॉन में आगे वाली सीटों के आर्मरेस्ट पर फोन और वॉलेट के लिए स्टोरेज स्पेस दिया गया है, इसकी ड्राइवर सीट को इलेक्ट्रिक्ली एडजस्ट किया जा सकता है, इस में हीटिंग और मैमोरी फंक्शन भी दिया गया है। ग्लोव बॉक्स में मैग्नेटिक स्लॉट इस्तेमाल हुए हैं। टचस्क्रीन इंफोटेंमेंट सिस्टम से कार के कई फीचर और सेटिंग को कंट्रोल किया जा सकता है।

पीछे वाले पैसेंजर के कंफर्ट के लिए इस में ज्यादा जगह मिलेगी एसी और फोल्डेबल ट्रे के लिए पीछे की तरफ भी कंट्रोल दिए गए हैं, जिनका इस्तेमाल पीछे बैठे पैसेंजर कर सकते हैं। टिग्वॉन की चौड़ाई इतनी है कि इस में पीछे की तरफ तीन पैसेंजर आराम से बैठ सकते हैं, हालांकि बीच में दिया एसी वेंट और हल्का सा ऊंचा उठा फ्लोर बीच वाले पैसेंजर के लिए थोड़ा सा असुविधाजनक हो सकता है।

5. ऑल-व्हील-ड्राइव

टिग्वॉन में ऑल-व्हील-ड्राइव फंक्शन स्टैंडर्ड दिया गया है, इस में दो ड्राइविंग मोड रोड और ऑफ-रोड दिए गए है, ऑफ-रोड में स्टीयरिंग, इंजन और ऑल-व्हील-ड्राइव सिस्टम की सेटिंग को कस्टमाइज किया गया है, यह टोयोटा फॉर्च्यूनर और फोर्ड एंडेवर की तरह फुल ऑफ-रोड एसयूवी तो नहीं है लेकिन छोटी-मोटी मुश्किलों को आसानी से पार कर जाती है। टिग्वॉन का ट्यूसॉन से महंगा होने की यह अहम वजह है, ट्यूसॉन केवल फ्रंट-व्हील-ड्राइव में आती है।

6. स्मूद डीज़ल इंजन

टिग्वॉन में 2.0 लीटर का टीडीआई डीज़ल इंजन लगा है, जो 143 पीएस की पावर और 340 एनएम का टॉर्क देता है, यही इंजन फॉक्सवेगन की दूसरी कई कारों में भी लगा है। यह इंजन 7-स्पीड ड्यूल-क्लच डीएसजी गियरबॉक्स और पैडल शिफ्टर्स से जुड़ा है, यह काफी स्मूद है, इस वजह केबिन में ज्यादा शोर और वाइब्रेशन महसूस नहीं होगा, यह इंजन इस सेगमेंट से ऊपर की कारों जैसा अहसास देता है। गियरशिफ्टिंग भी आराम से और बिना किसी देरी के होती है।  

टिग्वॉन को ना पसंद करने की वजह

1. फॉक्सवेगन की दूसरी कारों जैसा केबिन

भले ही टिग्वॉन का केबिन प्रीमियम है, लेकिन इसके बावजूद भी इस में कुछ कमियां महसूस होती हैं। इतनी कीमत देने के बाद हर ग्राहक खास अहसास देने वाला केबिन चाहेगा, इस मामले में टिग्वॉन थोड़ी पिछड़ जाती है। अगर साइज के आधार पर दूसरी लग्ज़री एसयूवी मर्सिडीज़ जीएलए और बीएमडब्ल्यू एक्स1 से तुलना करें तो इसके केबिन में काफी बदलाव की जरूरत नज़र आती है।

2. टचस्क्रीन में सुधार की गुंजाइश

इसका टचस्क्रीन इंफोटेंमेंट सिस्टम इस्तेमाल में आसान है और इस में अच्छी कनेक्टिविटी वाले फंक्शन भी दिए गए हैं, इसके बावजूद भी इस में कुछ कमियां रह गई है। दूसरी फॉक्सवेगन कारों की तरह इसके टचस्क्रीन के रेज्यूलेशन को बेहतर किया जा सकता था। इस में एपल कारप्ले और एंड्रॉयड ऑटो कनेक्टिविटी की सुविधा तो दी गई है लेकिन नेविगेशन सपोर्ट नहीं दिया गया है, कंपनी को चाहिए था कि वो इस में नेविगेशन कनेक्टिविटी भी देती।

3. स्टीयरिंग और ब्रेकिंग में सुधार की गुंजाइश

टिग्वॉन की राइडिंग और हैंडलिंग काफी संतुलित है वहीं स्टीयरिंग व्हील पर पकड़ भी अच्छी है, अगर कंपनी इसके स्टीयरिंग की ग्रिप में थोड़ा और सुधार करती तो ज्यादा स्पीड पर और अच्छा फीडबैक ड्राइवर को मिलता, इसके अलावा ब्रेकिंग में भी कुछ सुधार की गुंजाइश बनती है।

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