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उत्तर प्रदेश में कार हादसे का वीडियोः मारुति विटारा ब्रेजा की विंडशील्ड तोड़कर केबिन में घुसी नीलगाय

संशोधित: मार्च 01, 2022 07:21 pm | सोनू | मारुति विटारा ब्रेज़ा

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उत्तर प्रदेश में सड़क क्रॉस करते समय एक नीलगाय मारुति सुजुकी विटारा ब्रेजा से टकरा गई और कार की विंडशील्ड तोड़कर आधी केबिन में जा घुसी। हादसे में पैसेंजर को हल्की चोटें आई हैं लेकिन नीलगाय ज्यादा चोटें लगने के कारण मर गई है। इस हादसे का नीचे दिया गया वीडियो कुछ पाठकों को विचलित कर सकता है, ऐसे में इसे अपने विवेक से देखें।

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रिपोर्ट में कहा जा रहा है विटारा ब्रेजा का मालिक शाम को अपने घर जा रहा था और उस समय एक नीलगाय एसयूवी के आगे से जंप लगाकर विंडशील्ड से टकरा गई। ड्राइवर ने तुरंत एसयूवी कार को रोक दिया और बाहर निकल गया था। लेकिन तेज टक्कर लगने के कारण कार की विंडशील्ड टूट गई और नीलगाय आधी केबिन में जा घुसी। ज्यादा चोट आने के कारण नीलगाय मर गई, बाद में फोरेस्ट डिपार्टमेंट के कर्मचारियों ने वहां मौजूद लोगों की मदद से नीलगाय को कार से हटाकर अलग कर दिया।

इस दुर्घटना ने वन क्षेत्रों के कम होने की सबसे बड़ी समस्या को उजागर किया है जिससे जानवर शहरी और कृषि भूमि में भोजन खोजने के लिए मजबूर हैं। हादसे के बाद यह भी पता चला है कि कैसे एक नीलगाय जैसा बड़ा जानवर कार को व्यापक नुकसान पहुंचा सकता है और गाड़ी में बैठे लोगों को गंभीर घायल कर सकता है। लेकिन थोड़ी सी सावधानी ऐसी दुर्घटनाओं को कम कर सकती है जिसके लिए हमने नीचे कुछ सुझाव बताए हैं।

जानवरों की क्रॉसिंग वाले एरिया में कार ड्राइविंग करते वक्त निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिएः-

साइन बोर्ड को देखकर चलें: फोरेस्ट डिपार्टमेंट आमतौर पर उन जगहों पर साइन बोर्ड लगाता है जहां से जानवरों के सड़क क्रॉस करने की संभावनाएं ज्यादा होती है। ऐसे स्थानों पर सावधानी से कार ड्राइव करें और सड़क के आसपास के क्षेत्र पर नजर रखें। घूमावदार रास्तों पर ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।

रफ्तार स्लो रखें: ऐसे संकरे रास्ते जहां पर जंगली जानवर क्रॉसिंग कर सकते हैं वहां पर गाड़ी की स्पीड लिमिट ज्यादा नहीं होनी चाहिए। ऐसे स्थान पर हमेशा गाड़ी को उचित स्पीड पर ड्राइव करना चाहिए जिससे आप सामने से किसी जानकारी के आने पर ब्रेक लगाकर दुर्घटना से बच सके। 

शाम और सुबह के समय सतर्क रहें: जानवर सूर्योदय और सूर्यास्त के समय अधिक एक्टिव रहते हैं। ऐसे समय में आपको गाड़ी की हेडलाइटें एडवांस में ही ऑन कर लेनी चाहिए और सड़कों के किनारे जानवरों से सावधान रहें।

रात्रि में रहें ज्यादा सतर्क रहें: अंधेरे में हो सकता है कि गाड़ी की हेडलाइट रोड पर पर्याप्त रोशनी ना करे, जिससे आपको शायद सड़क का सही व्यू भी नहीं मिले। ऐसे में गाड़ी की स्पीड को जरूरत के हिसाब से एडजस्ट कर लेना चाहिए।

हाई बीम का उपयोग करने से बचें: रात्रि के समय हादसों से बचने के लिए कम पावरफुल लाइट का उपयोग करना थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन इसके दो फायदे हैं। कम पावरफुल लाइटें आमतौर पर सामने से आने वाले मोटर चालकों को चकाचौंध नहीं करते हैं और ये सड़क के किनारों को बेहतर ढ़ंग से रोशन करते हैं। 

हॉर्न का इस्तेमाल न करें: अगर अचानक से आपकी हेडलाइट के सामने कोई जानवर दिखाई देता है तो उसे हटाने के लिए हॉर्न बजा सकते हैं। लेकिन जानवर के नजदीक से क्रॉस करने पर हॉर्न नहीं बजाना चाहिए क्योंकि वो दहशत में आकर गाड़ी को टक्कर मार सकता है। 

अचानक टर्न लेने से बचें: ये सहज है कि आप गाड़ी को अचानक से तेज ब्रेक लगाकर और स्टीयरिंग व्हील को मोड़कर टक्कर से बचने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन ऐसी स्थिति में आप वाहन का कंट्रोल भी खो सकते हैं। ऐसे में आप तेज ब्रेक लगाकर सीधे ही चलते हुए कार की स्पीड को कम करने की कोशिश कर सकते हैं। 

सड़क पर रहें: किसी जानवर के साथ दुर्घटना से बचने के लिए गाड़ी को सड़क से उतारने की कोशिश ना करें। हो सकता है कि वहां पर सड़क के किनारे सही ना हो आप गाड़ी का कंट्रोल खो बैठे। ऐसी स्थिति में आपको स्पीड कंट्रोल करके गाड़ी को धीरे करके निकल जाना चाहिए।

अगर आपकी किसी जानवर के साथ टक्कर हो जाती है तो आपको कोशिश करनी चाहिए की गाड़ी को पूरी तरह से रोक लें और अपने शोल्डर पीछे की तरफ खींच लें। हजार्ड लाइट ऑन करें और अगर आप या किसी पैसेंजर को चोट नहीं आई है तो डेमेज का आंकलन करने लिए वहां से सुरक्षित आगे बढ़े। अन्यथा तुरंत पुलिस को फोन करके सहायता लें।

अगर जानवर मर गया है तो आप राहगीरों या स्थानीय लोगों की मदद ले सकते हैं ताकि उसे सड़क से हटाकर ट्रैफिक फ्लो सही किया जा सके। अगर जानवर की मौत नहीं हुई लेकिन उसको ज्यादा चोट आई है तो पुलिस को फोन करें जो स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय वन विभाग से संपर्क करके उन्हें सूचित करेंगे। यदि जानवर छोटा है और उसे ज्यादा चोट नहीं आई है तो फिर स्थानीय पशु चिकित्सक को ढ़ूंढ़कर उसका इलाज कराया जा सकता है।

यह भी पढ़ें : नई मारुति विटारा ब्रेजा में मिलेंगे ये टॉप 7 फीचर्स

मारुति सुजुकी विटारा ब्रेजा को ग्लोबल एनकैप के क्रैश टेस्ट में 4-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली हुई है। इसमें पैसेंजर की सुरक्षा के लिए ड्यूल फ्रंट एयरबैग, ईबीडी के साथ एबीएस, आईएसओफिक्स चाइल्ड सीट एंकर और रियर पार्किंग जैसे फीचर दिए गए हैं। इस सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी कार का जल्द ही नया जनरेशन मॉडल आने वाला है जिसमें कुछ ज्यादा सेफ्टी फीचर दिए जा सकते हैं। नए मॉडल में साइड और कर्टेन एयरबैग और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम जैसे फीचर दिए जा सकते हैं जो फेसलिफ्ट बलेनो में भी दिए गए हैं।

यह भी देखें: मारुति विटारा ब्रेजा ऑन रोड प्राइस

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