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गुड न्यूज राउंडअप: किसी ने 107 की उम्र में जीती जंग तो कहीं पटरी पर लौटने लगा जीवन, कोरोनाकाल में यहां लीजिए पॉजिटिव न्यूज का डोज़

प्रकाशित: मई 18, 2020 03:58 pm । भानु

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कोरोनावायरस महामारी से दुनिया की आर्थिक स्थिती खराब होने के साथ-साथ तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन हमारी दुनिया भी इस अदृश्य दुश्मन से डटकर मुकाबला कर रही है और धीरे-धीरे ही सही, मगर हम इस लड़ाई में जीत की ओर बढ़ रहे हैं। इस कोरोनाकाल में पिछले सप्ताह जहां हमने कुछ खोया तो कुछ पाया भी है, जिसका तानाबाना इन पॉजिटिव न्यूज के ज़रिए हमने आपके लिए बुना है। ऐसे में डालते हैं नजर इन्हीं पॉजिटिव न्यूज़ पर:-

अब तक करीब 16 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं इस बीमारी से

कोरोना की चपेट में आए मरीजों की संख्या भले ही ज्यादा ​हो, मगर इस बीमारी के चंगुल से लोग आजाद भी हो रहे हैं। कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या अब 16 लाख तक पहुंच गई है। कोरोना को हराने के लिए कार मैन्यूफैक्चरर्स जैसे नॉन मेडिकल सप्लायर्स वेंटिलेटर्स तैयार करने का काम कर रहे हैं। साथ ही काफी देशों की रिसर्च लैब में वैक्सीन तैयार करने का काम अंतिम चरण में है, जिनका प्रोडक्शन शुरू होने से हालात बहुत हद तक बदल जाएंगे। 

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80 से लेकर 100 साल तक के बुजुर्गों ने कोरोना को हराया

कोविड-19 यानी कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों को था, मगर उन्होंने अपनी इच्छाशक्ति के बल पर इस बीमारी को हरा दिया। 65 साल से शादीशुदा जीवन बीता रहे मैड्रिड के गुआदलूप और जोस ने 88 साल की उम्र में इस बीमारी को हराया और आज वो लोग सही सलामत अपने घर पर हैं। ब्रिटेन की 99 वर्षीय रीटा रेनॉल्ड्स और इटली की 104 वर्षीय आदा जनूसो भी कोरोना से उबर चुकी हैं। यहां तक कि दो विश्वयुद्ध की गवाह रही डच की 107 वर्षीय महिला ने इस संकट को देखा भी है और इसकी चपेट में आने के बाद वो ठीक भी हो चुकी है। इससे पहले भारत में केरल निवासी 93 वर्षीय मरीज और उनकी 88 वर्षीय पत्नी भी कोरोना से मुक्त  हो चुके हैं। 

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दुर्लभ सिंधु नदी की डॉल्फिन अब लगातार आ रही नजर

कोरोना के कारण सड़कों पर वाहन ना चलने और फैक्ट्रिया बंद होने से जहां एक तरफ हमारा वातावरण शुद्ध हो गया है, तो वहीं प्रकृति भी इस समय फिर से जीवित सी हो चली है। प्रकृति के जीवंत हो उठने के काफी वीडियो और फोटोज इंटरनेट के जरिए हमारे सामने आ रही है। जहां हमने वेनिस की नहरों को साफ सुथरा होते हुए देखा है, वहीं सिंधु नदी की दुर्लभ डॉल्फिन भी उसकी सहायक नदी ब्यास में अठखेलियां करती नजर आ रही है। प्रशासन ने इस नदी के पानी की शुद्धता को जांचा है और उसे एकदम निर्मल बताया है। 

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कोरोना वॉरियर्स की सुरक्षा के लिए खासतौर पर तैयार हो रहा अनोखे टैक्सटाइल से बना पीपीई किट

कोरोना पीड़ितों का इलाज करने वाले डॉक्टर्स और नर्स द्वारा पीपीई किट पहनने के बावजूद उसकी जद में आने की काफी खबरें सामने आ रही है। ऐसे में अब यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग के स्वानसन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग नई टैक्सटाइल कोटिंग पर काम कर रहे हैं जिससे अब चिकित्साकर्मी ज्यादा सुरक्षित रह सकेंगे। अब तक यह ब्लड, प्रोटीन, बैक्टीरिया और सामान्य वायरस को प्रभावी रूप से रोकने में कारगर साबित हुआ है। अब इसका परीक्षण कोविड-19 (COVID-19) वायरस के खिलाफ किया जाएगा और अगर सब ठीक रहा तो यह हमारे कोरोना वॉरियर्स को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

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हॉन्गकॉन्ग, न्यूजीलैंड, हवाई और मोंटाना में पिछले सप्ताह से सामने नहीं आया एक भी केस

ऐसा लगता है कि हॉन्गकॉन्ग, न्यूजीलैंड, हवाई और मोंटाना में लोगों ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई जीत ली है, क्योंकि इनमें से एक भी देश में पिछले सप्ताह से एक भी कोरोना पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है। रेस्टोरेंट्स और सार्वजनिक क्षेत्रों के खुल जाने से यहां सामान्य जीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगा है। हालांकि, अब भी इन देशों में कोरोना से बचाव के लिए जरूरी मापदंडो की पालना की जा रही है। 

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