किआ केरेंस 4500 किलोमीटर लाॅन्ग टर्म रिव्यू

Published On अगस्त 16, 2022 By nabeel for किया केरेंस

किआ केरेंस के साथ मेरा पहला महीना काफी शानदार रहा जिसका मुझे एक लाॅन्ग टर्म रिव्यू करना था। कई इंटरसिटी जर्नी करने और लोगों को बैठाने के बाद इस एमपीवी का स्पेस और इसकी प्रैक्टिकैलिटी निखरती चली गई। सबसे अच्छी चीज इसके डीजल ऑटोमैटिक पावरट्रेन की फ्यूल एफिशिएंसी लगी। और अब जब मैं इसके साथ एक महीना और बिता चुका हूं तो मुझे ये और बेहतर होती नजर आई। हालांकि, इसमें कुछ कमियां भी मुझे दिखाई दी, मगर इतना कहा जा सकता है कि 20 लाख रुपये से कम बजट में किआ केरेंस रोजाना की ड्राइविंग के लिहाज से काफी प्रैक्टिकल कार है। आगे किआ केरेंस की खूबियों और खामियों को हमनें एक एक कर लिस्ट किया और यदि आप इसका फर्स्ट इंप्रेशन देखना चाहते हैं तो दिए गए लिंक पर क्लिक करें। 

सबसे पहले नजर इसकी खूबियों पर

1.काफी अच्छा है इसका साइज

भीड़ भाड़ वाले शहरी इलाकों में कभी कभी एक बड़ी कार को ड्राइव करना मुश्किल हो जाता है। बड़ी होने के बावजूद कैरेंस ट्रैफिक में मैनेजेबल कार लगती है और ड्राइवर सीट पर बैठकर आपको अच्छी विजिबिलिटी भी मिलती है। बड़ी विंडस्क्रीन और लो विंडोलाइन होने से ड्राइवर में काॅन्फिडेंस बना रहता है और इसमें पीछे की विजिबिलिटी भी अच्छी मिलती है। इसकी सबसे अच्छी बात ये भी है कि इसमें दिए गए फ्रंट और रियर सेंसर आपको टाइट टर्न लेने में अलग सा काॅन्फिडेंस देते हैं। 

2. पार्क करना आसान

अब लगभग हर कार में रियर पार्किंग कैमरा का फीचर स्टैंडर्ड दिया जाने लगा है, मगर अच्छा रेजोल्यूशन और फुटेज अच्छी तरह से डिस्प्ले ना हो तो इसका होना ना होना बराबर है। मगर किआ केरेंस के बारे में ये बात नहीं कही जा सकती है। इसका कैमरा काफी अच्छा है। इसकी डिस्प्ले शार्पनैस काफी सही है और गाइडलाइंस भी सटीक है और इसकी सबसे अच्छी बात ये है कि ये कहीं अटकता नहीं है और पीछे के ऑब्जेक्ट को आप काफी करीब से देख सकते हैं। इससे मुझे इस कार को सख्त से सख्त जगहों पर पार्क करने में कोई दिक्कत नहीं आई। मुझे इसका रियर कैमरा 360 डिग्री कैमरा से भी अच्छा लगा। 

3. तीसरी रो में एंट्री/एग्जिट लेना आसान

केरेंस एक 6 सीटर एमपीवी है जिसका मतलब ये हुआ कि एक एक्सट्रा पैसेंजर के लिए इसमें थर्ड रो दी गई है। शुरूआत में तो इसकी थर्ड रो में जाने में काफी परेशानियां आई, केरेंस की थर्ड रो सीट पर आप वन टच टंबल फीचर की मदद से आसानी से पहुंच सकते हैं। इसी की मदद से आप आसानी से यहां से बाहर भी निकल सकते हैं। इसकी थर्ड रो पर चार्जिंग ऑप्शंस और एसी वेंट्स जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं, जिससे यहां बैठने वालों को कोई परेशानी नहीं आएगी। 

4. ग्राउंड क्लीयरेंस

मेरा ऐसा मानना है कि भारत में एसयूवी कारों के बढ़ रहे क्रेज के पीछे शानदार ग्राउंड क्लीयरेंस मिलने का भी एक अहम योगदान है। एक एमपीवी होने के बावजूद केरेंस में किसी एसयूवी जैसा ग्राउंड क्लीयरेंस दिया गया है। इससे आप इस कार कोआप कुछ ऑफ रोडिंग रास्तों पर ले जा सकते हैं। शानदार प्रैक्टिकैलिटी और अच्छे ग्राउंड क्लीयरेंस के काॅम्बिनेशन के साथ मुझे केरेंस कुछ एसयूवी कारों से ज्यादा अच्छी लगी। 

5. काफी पावरफुल है इसके हेडलैंप्स

किसी कार में एलईडी हेडलैंप्स या तो अच्छे लगते हैं या फिर नहीं। हुंडई क्रेटा में दिए गए एलईडी हेडलैंप्स हमें उतने पसंद नहीं आए जितने केरेंस के आए। इसके एलईडी हेडलैंप्स की रोशनी सड़क पर अच्छी तरह से फैलती है और आपको सामने का नजारा साफ दिखाई देता है। इसके अलावा आपको लाइट हाई बीम पर रखने की काफी कम जरूरत पड़ती है। कुल मिलाकर एक प्रोजेक्टर लेंस के बिना भी ऐसा लाइट सेटअप एक अच्छा एक्सपीरियंस देता है। 

ऊपर केरेंस एमपीवी की जिन खूबियों का हमनें जिक्र किया वो आपकी रोजाना की जिंदगी आसान बनाती है। मगर हर दूसरी कार की तरह केरेंस में भी कुछ कमियां हैं जिनके बारे में अब आप जानेंगे आगेः

1. सेकंड और थर्ड रो राइड

तीन रो वाली दूसरी कारों की तरह केरेंस में भी सेकंड रो की राइड क्वालिटी थोड़ी औसत मिलती है। खराब सड़कों पर आपको इसमें साइड टू साइड मूवमेंट महसूस होता है जो बुजुर्गो के लिहाज से ठीक बात नहीं है। इसकी फर्स्ट रो काफी कंफर्टेबल है लेकिन सेकंड रो पर बैठने वालों को उस लेवल का कंफर्ट नहीं मिलता है। यदि आप पहली बार 3 रो कार ले रहे हैं तो इस चीज के लिए आप पहले से ही तैयारी कर लें। 

2. सेंसर अलर्ट्स

टायर प्रेशर माॅनिटरिंग सिस्टम लंबे ट्रिप्स के लिए काफी काम का फीचर है। मगर केरेंस में ये चीज थोड़ी सी अलग है। यहां टायर का प्रेशर हल्का सा भी कम होने पर वाॅर्निंग स्क्रीन पर अलर्ट मिलना शुरू हो जाता है। चलिए ये चीज भी ठीक है, मगर एक ही एक्सल के दोनों टायरों का प्रेशर बराबर होने के बावजूद इसमें एक टायर का अलर्ट आता है। यदि आप भी मेरी तरह अपने व्हीकल को एकदम ठीक से मेंटेन रखना चाहते हैं तो आपको ये चीज काफी परेशान कर सकती है। एक साॅफ्टवेयर अपडेट इस परेशानी को दूर करने के लिए काफी है। 

केरेंस की एक और चीज जो मुझे पसंद नहीं आई वो इसका सेंसर अलर्ट है। भीड़ भाड़ वाली जगहों पर ट्रैफिक सिग्नल पर बाइकों के शोर मात्र से ये एक्टिवेट हो जाता है। हालांकि ये इसका काम है और आप इसके जरिए देख सकते हैं कि आपकी कार के आसपास मौजूद बाइक्स किस तरफ हैं और ये पैसेंजर को भी अलर्ट रखता है। आप इन्हें स्विच ऑफ कर सकते है, मगर आप जैसे ही आगे बढ़ते हैं तो ये फिर ऑन हो जाता है। 

3. गियर शिफ्टिंग 

ये परेशानी हमें अल्कजार में भी आई थी जहां डीजल ऑटोमैटिक पावरट्रेन में थ्राॅटल इनपुट लो होने पर शिफ्टिंग के दौरान गियर अटकते थे। हालांकि केरेंस में ये चीज कम होती है, मगर चार से ज्यादा पैसेंजर की मौजूदगी में आपको ये परेशान करती है। लो आरपीएम पर इसमें पावर डिलीवरी की भी एक बड़ी समस्या रहती है। ये चीज पैसेंजर तो नोटिस नहीं करेंगे, मगर ड्राइवर को इसका काफी अच्छे से पता रहेगा। 

4. ब्रेक फील

मैं हमेशा किसी सिटी फ्रेंडली कार के ब्रेक फील के बारे में ज्यादा शिकायत नहीं करता, क्योंकि मैं जानता हूं कि इनमें ड्राइवर को हमेशा सेफ फीलिंग लेने की जरूरत रहती है। मगर केरेंस की ब्रेकिंग में मुझे थोड़ी कमियां नजर आई है। सड़क पर बीच में किसी पैदल चल रहे इंसान के आने पर या किसी बाइक के अचानक से ब्रेक लगाने पर केरेंस की स्टापिंग पावर कुछ अच्छी नहीं रहती है। ऐसे में इसके ब्रेक्स को ऐसी इमरजैंसी कंडीशन में थोड़ा और शार्प होने की जरूरत महसूस होती है। 

5.रोड वाॅर्निंग्स

केरेंस में इन बिल्ट नेविगेशन दिया गया है जो आपको स्कूल जोन, नो ओवरटेकिंग जोन और राॅन्ग साइड पर होने का वार्निंग मैसेज देता है। ये फीचर तो काफी अच्छा है, मगर कभी कभी कस्बों और हाईवे पर ये कुछ ज्यादा ही काउंटर प्रोडक्टिव हो जाता है। आप इनमें से कई वाॅर्निंग्स को स्विच ऑफ कर सकते हैं, मगर राॅन्ग साइड और नो ओवरटेकिंग जोन की वाॅर्निंग्स आपको लगातार मिलती रहेगी। यहां तक कि हाईवे पर भी जब आप 4 लेन रोड पर सही साइड में चल रहे होंगे तो ये बारबार आपको राॅन्ग साइड में होने का मैसेज भेजता रहेगा। यही चीज नो ओवरटेकिंग जोन में भी होती है। ऐसे में यदि इन्हें टर्न ऑफ किया जा सकता तो ज्यादा बेहतर रहता।   

तो ये थी किआ केरेंस की कुछ खूबियां और खामियां। अच्छी बात ये है कि केरेंस में नजर आई कमियों को एक साॅफ्टवेयर अपडेट के जरिए दूर किया जा सकता है। वहीं इसकी खूबियां तो इसे एक बेहतर प्रोडक्ट बनाती ही हैं। चूंकि इसमें बैठने वालों को लाजवाब कंफर्ट मिलता है, इसलिए मैंने इसे फ्लोरेंस नाइटेंगल नाम दिया है।

किया केरेंस

वेरिएंट*एक्स-शोरूम कीमत नई दिल्ली
प्रीमियम डीजल (डीजल)Rs.11.40 लाख*
प्रेस्टीज डीजल (डीजल)Rs.12.60 लाख*
प्रेस्टीज प्लस डीजल (डीजल)Rs.14.10 लाख*
लक्ज़री डीजल (डीजल)Rs.15.50 लाख*
लक्ज़री प्लस डीजल 6 सीटर (डीजल)Rs.16.75 लाख*
लक्ज़री प्लस डीजल (डीजल)Rs.16.80 लाख*
लक्ज़री प्लस डीजल एटी 6 सीटर (डीजल)Rs.17.65 लाख*
लक्ज़री प्लस डीजल एटी (डीजल)Rs.17.70 लाख*
प्रीमियम (पेट्रोल)Rs.9.60 लाख*
प्रेस्टीज (पेट्रोल)Rs.10.70 लाख*
प्रीमियम टर्बो (पेट्रोल)Rs.11.20 लाख*
प्रेस्टीज टर्बो (पेट्रोल)Rs.12.40 लाख*
प्रेस्टीज प्लस टर्बो (पेट्रोल)Rs.13.90 लाख*
प्रेस्टीज प्लस टर्बो dct (पेट्रोल)Rs.14.80 लाख*
लक्ज़री टर्बो (पेट्रोल)Rs.15.30 लाख*
लक्ज़री प्लस टर्बो 6 सीटर (पेट्रोल)Rs.16.55 लाख*
लक्ज़री प्लस टर्बो (पेट्रोल)Rs.16.60 लाख*
लक्ज़री प्लस टर्बो dct 6 सीटर (पेट्रोल)Rs.17.45 लाख*
लक्ज़री प्लस टर्बो dct (पेट्रोल)Rs.17.50 लाख*

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