लग्जरी कार पर टैक्स चोरी के मामले में ये छह इंडियन सेलिब्रिटी रह चुके हैं चर्चाओं में

संशोधित: जुलाई 30, 2021 09:45 am | cardekho | रोल्स-रॉयस घोस्ट 2009-2020

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तमिल के सुपरस्टार विजय को हाल ही में मद्रास हाई कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए उन पर लगाए गए एक लाख रुपये जुर्माने को माफ किया है। अभिनेता ने 2012 में अपनी लग्जरी कार रोल्स रॉयस घोस्ट पर लगने वाली 40 लाख रुपये की कस्टम ड्यूटी माफ करने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने उसे यह पूरा अमाउंट चुकाने का ऑर्डर दिया है। भारत में और भी कई फेमस सेलिब्रिटी हैं जो लग्जरी कारों पर टैक्स चुराने के मामले में चर्चाओं में रह चुके हैं। भारत में अलग-अलग राज्यों में टैक्स और ड्यूटी अलग है। यहां देखिए विजय से पहले और कौनसे फेमस इंडियन सेलिब्रिटी लग्जरी कारों पर टैक्स चुराने के मामले में सुर्खियों में रह चुके हैंः-

फहाद फासिल

2017 में मलयालम अभिनेता फहाद फासिल को गिरफ्तार किया गया था और बाद में उन्हें केरल में जमानत पर रिहा कर दिया गया था। उन्होंने अपनी मर्सिडीज-एएमजी ई63 स्पोर्ट सेडान को केंद्र शासित प्रदेश पांडिचेरी में रजिस्टर करवाया था जबकि वह खुद केरल में रहते थे। इस मलयालम एक्टर को कुंबुलंगी नाइट्स जैसी फिल्में बनाने के लिए जाना जाता है। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उन्हें 19 लाख रुपये का पेमेंट करना पड़ा।

अमाला पॉल

यह मलयालम अभिनेत्री भी केरल में रहती है। अमाला पॉल ने 2017 में बेंगलुरु में मर्सिडीज-बेंज एस-क्लास को खरीदा था जबकि उसका रजिस्ट्रेशन पांडिचेरी में किराए के एड्रेस पर कराया। केरल में यह रजिस्ट्रेशन होता तो उस पर ज्यादा रजिस्ट्रेशन फीस और रोड टैक्स लगता जबकि पांडिचेरी में रजिस्ट्रेशन करवाकर अभिनेत्री ने करीब 19 लाख रुपये टैक्स के बचा लिए। अभिनेत्री का कहना था उसने यह कार लगभग केरल के बाहर ही चलाई है। 2018 में पॉल ने अथॉरिटी के सामने सरेंडर कर दिया था और जुर्माने व टैक्स का भुगतान कर दिया।

डैनी डेन्जोंगापा

बॉलीवुड के इस दिग्गज अभिनेता ने अपने होम स्टेट सिक्किम में अपनी रेंज रोवर का रजिस्ट्रेशन कराया था। उस दौरान डैनी डेन्जोंगापा मुंबई में रहते थे, इसलिए महाराष्ट्र अथॉरिटी ने उन पर जुर्माना लगाया। इसके बाद डैनी ने जुर्माने और फीस के रूप में करीब 30 लाख रुपये का भुगतान किया।

सुरेश गोपी

यह मलयालम अभिनेता 1980 से बिजनेस लाइन में है और अब राज्य सभा में मनोनित सदस्य भी हैं। सुरेश गोपी अपनी दो ऑडी कार पर टैक्स चुराने के मामले में दो बार चर्चाओं में आ चुके हैं। पहली बार 2017 में अमाला और फहाद के केस के समय वे पुलिस की नजरों में आए थे और दूसरा केस 2020 में हुआ था। इन दोनों मामलों में क्राइम ब्रांच ने सुरेश गोपी पर टैक्स और फीस के रूप में करीब 20 लाख रुपये का दावा ठोका।

सेफ अली खान

सेफ अली खान ने 2004 में टोयोटा लैंड क्रूजर ली थी। एक्टर ने इसे ट्रांसफर और रेजिडेंसी रूल के तहत विदेश से भारत में इंपोर्ट किया था। इस नियम के तहत विदेश से किसी व्यक्ति को अपनी कार के साथ वापस भारत जाने पर कस्टम ड्यूटी नहीं देनी पड़ती है। सेफ ने यह पेमेंट अपने जानकार से कराया जो दुबई से इंडिया में शिफ्ट हो रहा था। हालांकि बाद में ईडी की नजरों में यह सामने आया कि दुबई में पेमेंट करने वाला व्यक्ति इतनी महंगी कार अफोर्ड नहीं कर सकता है। इसके बाद ईडी ने पूरे पेमेंट को ट्रेक किया और बॉलीवुड एक्टर सेफ अली खान का नाम निकलकर सामने आया। सेफ अली खान को फीस और जुर्मान के तौर पर कुल 90 लाख रुपये का भुगतान करना पड़ा।

सचिन तेंदुलकर

सचिन तेंदुलकर इस मामले में गलत साबित नहीं होते हैं। 2002 में उन्होंने एक टेस्ट मैच में 29वां शतक बनाकर प्रतिष्टित ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी सर डोनाल्ड ब्रेडमेन की बराबरी की थी। इसके बाद उन्हें यूके में सिल्वरस्टोन रेस ट्रेक पर फरारी के पैडॉक में आमंत्रित किया गया, जहां माइकल शूमाकर ने उन्हें खुद अपने हाथों से एक नई फरारी 360 मोडेना की चाबी सौंपी। उस दौरान सचिन को यह फरारी भारत में लाने के लिए उस दौरान लगने वाली 150 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी की छूट दी गई। यह इंपोर्ट ड्यूटी करीब 1.3 करोड़ रुपये की थी।

महेंद्र सिंह धोनी

2009 के आसपास महेंद्र सिंह धोनी ने खुद के लिए एक जीएमसी हमर एच2 एसयूवी खरीदी थी, जिसे अमेरिका से इंपोर्ट किया गया था। गलती से ट्रांसपोर्ट ऑफिसर ने रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में महिंद्रा स्कॉर्पियो का नाम डाल दिया। कहा जा रहा है कि सरकार के डाटाबेस में एच2 का नाम नहीं होने की वजह से भी ऐसा करना पड़ गया हो सकता है। इस गलती से सरकार को रजिस्ट्रेशन फीस और टैक्स के रूप में 3.5 लाख रुपये का नुकसान हुआ और यह गलती सात साल बाद पकड़ में आई। इसके बाद धोनी को टैक्स ही नहीं बल्कि पेनल्टी भी देनी पड़ी।

आखिर क्यों लोग नियमों को तोड़ते हैं ?

भारत में ज्यादा इंपोर्ट ड्यूटी के चलते लोगों के लिए बाहर से सामान मंगवाना काफी महंगा सौदा साबित होता है। कुछ लोग लग्जरी और स्पोर्ट कार अफोर्ड कर लेते हैं लेकिन इन्हें विदेश से भारत में इंपोर्ट करने पर 100 फीसदी कस्टम ड्यूटी देनी पड़ती है जिससे गाड़ी की कीमत दोगुनी हो जाती है। इसके बाद अलग-अलग राज्यों के हिसाब से 10 से 20 फीसदी इंश्योरेंस फीस और कुछ अन्य चार्ज भी लगते हैं और गाड़ी और भी महंगी हो जाती है। ऐसे में लोग पैसे बचाने के चक्कर में नियमों का उल्लंघन कर देते हैं।

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