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गुडन्यूज राउंडअप: कोरोना महामारी की इस लडाई में कहां तक सफल हुए हम, पढ़िए पॉजिटिव खबरों के वीकली डोज़ में..

प्रकाशित: जुलाई 06, 2020 10:55 am । भानु

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दुनिया में बहुत कुछ ऐसा चल रहा है जिससे ये मालूम पड़ता है कि कोरोना नाम के इस अदृश्य दुश्मन का जल्द ही अंत होने वाला है। इसलिए इस हफ्ते भी हम आपके लिए लाए हैं ऐसी ही पॉजिटिव खबरों का वीकली डोज़। तो क्या है खास इस बार के गुडन्यूज़ राउंडअप में ये जानेंगे आगे:

पूरी दुनिया में 58 लाख लोग ठीक हो चुके इस बीमारी से

नोवल कोरोनावायरस की जद में अब तक 10.8 मिलियन लोग आ चुके हैं जिनमें से 58 लाख तो ठीक भी हो चुके हैं। रिकवरी रेट आधे से ज्यादा की दर से चल रही है, वहीं ज्यादा से ज्यादा जांच और सही समय पर ईलाज से ये आंकड़ा संक्रमित होने वाले लोगों के आंकड़े को पार कर सकता है।

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जून में मुंबई के धारावी से महज़ 274 केस ही आए सामने

किसी ज्यादा घनी आबादी वाले इलाके में कोरोना फैलने का डर सरकारों और प्रशासन को हमेशा से ही सताता आ रहा है। मुंबई स्थित एशिया के सबसे बड़े झुग्गी बस्ती क्षेत्र धारावी में कोरोना से जुड़े अब तक 2000 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं जून में यहां से केवल 274 ही केस सामने आए। काफी लोगों को इस बात का डर था कि इस तरह के क्षेत्र में कोरोना भयावह रूप ले सकता है, मगर धारावी के आंकड़े थोड़ी राहत देते हैं।  

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अस्पतालों को संसाधन मुहैया कराएगी निजी कंपनियां

इस वक्त अस्पतालों में कोरोना से लड़ने के लिए संसाधनों की बेहद कमी हो गई है। ऐसे में अस्पतालों की मदद का बीड़ा कुछ प्राइवेट कंपनियां उठाने जा रही है। इनमें से यूरोप की एम्मा मैट्रेस भी शामिल है जिसने भारत में कई अस्पतालों को मैट्रेसेस दान दिए हैं। 

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मानव परीक्षण की स्टेज पर पहुंची भारत में तैयार की जा रही वैक्सीन

कोरोना का ईलाज ढूंढने के लिए वैसे तो काफी सराहनीय काम किए जा रहे हैं, मगर लोगों को अब भी एक ठोस वैक्सीन बनने का इंतजार है। यदि भारत जैसे देश में ये वैक्सीन तैयार नहीं हुई तो जाहिर सी बात है हमें ये बाहर से मंगानी पड़ेगी जिसकी कीमत बहुत ज्यादा हो सकती है। ऐसे में एक अच्छी खबर ये है कि भारत में कोरोना से लड़ने के लिए तैयार की जा रही एक वैक्सीन अब मानव परीक्षण की स्टेज तक पहुंच गई है। फेज1 की टेस्टिंग के लिए इसको क्लीयरेंस भी दे दिया गया है। 

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किसान के बेटे ने तैयार की है भारत में वैक्सीन

भारत में कोरोना से लड़ने के लिए तैयार की गई वैक्सीन ​तमिलनाडू के एक किसान पुत्र द्वारा खोजी गई है। ये शख्स अमेरिका से भारत सस्ती दरों पर ईलाज देने के मकसद से लौटा है। 

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