फोर्ड फिगो

` 4.3 - 7.6 Lac*
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फोर्ड फिगो मॉडल और कीमत

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भारत में फोर्ड फिगो के रिव्यू

 

हाईलाइट


22 जनवरी, 2016 : फोर्ड, फीगो हैचबैक पर ही तैयार क्रॉसओवर मॉडल लाने की योजना बना रहा है। फीगो का प्लेटफॉर्म क्रॉसओवर मॉडल के लिए एकदम सही रहेगा। मौजूदा फीगो में 1.5 लीटर का डीज़ल इंजन लगा है, जो 100 पीएस की ताकत देता है। हैचबैक सेगमेंट में फोर्ड फीगो अच्छी पावर और पैकेज़ के साथ मौजूद है। जहां तक बात इसके क्रॉसओवर मॉडल की है तो 100 पीएस पावर के साथ यह सेगमेंट में सबसे पावरफुल पेशकश हो सकती है।

परिचय


फीगो, भारत में उतारी गई और सफल रही हैचबैक कारों में से एक है। लंबे वक्त के बाद फोर्ड ने फीगो को नए अवतार में उतारा है। 2015 में आया फीगो का नया अवतार पहले से ज्यादा पावरफुल, सुरक्षित और मॉर्डन डिजायन वाला है। तो यहां डालेंगे नज़र और जानेंगे कि क्या खास है फोर्ड की नई फीगो में...

प्लस पॉइंट



1. सिटी के लिए कार का साइज एकदम सही है।
2. 100 पीएस की पावर देने वाला डीज़ल इंजन अच्छी ड्राइव के साथ-साथ बेहतर माइलेज भी देता है।
3. ड्यूल एयरबैग स्टैडंर्ड और टॉप वेरिएंट में 6 एयरबैग मौजूद हैं। सेफ्टी के लिहाज से यह काफी बेहतर है।

माइनस पॉइंट



1. पेट्रोल इंजन में ताकत की कमी महसूस होती है। यह केवल शहर में ही चलाने के लिए बेहतर है।
2. इंटीरियर क्वालिटी ज्यादा प्रभावित नहीं करती है, इस सेगमेंट में प्रतियोगी कारों मसलन ग्रैंड आई-10 का केबिन ज्यादा बेहतर अहसास देता है।
3. टॉप वेरिएंट में ऑटोमैटिक वर्जन की कमी खलती है। इसमें कई अच्छे फीचर्स का अभाव है।

खास फीचर्स



1. फोर्ड माई-की (चाभी) इस कार का सबसे खास फीचर है। इस चाभी के जरिये कार की स्पीड लिमिट और म्यूजिक सिस्टम की वॉल्यूम को अपने मुताबिक सेट किया जा सकता है। यह ऐसे लोगों के लिए अच्छी है, जिन्होंने हाल ही में ड्राइविंग सीखी है।
2. 6-एयरबैग देकर फोर्ड ने सेफ्टी के लिहाज से सेगमेंट में नए मापदंड तय कर दिए हैं। 10 लाख रूपए से कम कीमत वाली हैचबैक कारों में ऐसा पहली बार देखने को मिला है।

एक्सटीरियर


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पुरानी फीगो वैसे तो अच्छी कार थी लेकिन डिजायन और स्टाइल के मामले में ज्यादातर लोगों ने इसे 'बोरिंग' करार दिया। लेकिन नई फीगो को कहीं से भी बोरिंग नहीं कहा जा सकता। फ्रंट से शुरूआत करें तो यहां दी गई चौड़ी ग्रिल और स्वेप्ट-बैक हैडलैंप, एस्टन मार्टिन कारों की याद दिला सकती है। फॉग लैंप्स को बंपर के नीचे की तरफ दिया गया है। फॉग लैंप्स साइज में थोड़े छोटे हैं लेकिन ठीक हैं।

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साइड प्रोफाइल में गहरी शोल्डर लाइन और चौड़ी विंडो दी हुई हैं। शोल्डर लाइनें आगे से पीछे तक जाती हैं। बाहर लगे शीशों पर टर्न इंडिकेटर्स दिए गए हैं। यहां एक चीज जो आपको थोड़ा मायूस कर सकती है वो है इसके 14 इंच के अलॉय व्हील। यहां थोड़े बड़े साइज के अलॉय दिए जाते तो ज्यादा अच्छा रहता।

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पीछे की तरफ दिया चौड़ा बंपर, पिछले हिस्से को काफी कवर कर लेता है। बड़े बम्पर के अलावा टेललाइट क्लस्टर मौजूद है इसमें रिवर्स लैंप्स और फॉग लाइट्स को शामिल किया गया है। बीच में कंपनी का लोगो भी देखने को मिलेगा। पिछला हिस्सा काफी हद तक खाली सा दिखता है। नीचे की ओर रिफ्लेक्टर दिए जा सकते थे, जो सुरक्षा देने के साथ-साथ इसे थोड़ा आकर्षक बना देते। अब बात करें डायमेंशन की तो यह सेगमेंट में सबसे लंबी और सबसे ज्यादा व्हीलबेस वाली कार है। इसका ग्राउंड क्लीयरेंस भी दूसरी कारों से ज्यादा है।

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इंटीरियर


केबिन में प्रवेश करते ही आपको अहसास होगा कि नई फीगो में भी सीटिंग पोजिशन को काफी नीचे रखा गया है। उम्रदराज़ लोगों को कार में प्रवेश करने और बाहर आने में दिक्कत हो सकती है। कार में निचली सीटिंग के मुताबिक एडजस्ट होने में थोड़ा वक्त लग सकता है। नई फीगो का इंटीरियर फोर्ड की बाकी कारों जैसा ही है।

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फीगो में इस बार कंपनी ने ब्लैक-बेज़ कलर कॉम्बिनेशन नहीं दिया है। यहां ऑल ब्लैक ले-आउट, सिल्वर हाईलाइट्स के साथ मिलेगा। सेंट्रल कंसोल, एसी वेंट्स पर क्रोम का इस्तेमाल हुआ है। जो ब्लैक इंटीरियर की एकरसता को तोड़ता है। सीटों पर अच्छी क्वालिटी का फैब्रिक दिया गया है। हालांकि यहां फीगो एस्पायर की तरह लैदर अपहोल्सट्री दी जाती तो और अच्छा रहता।

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फ्रंट सीटें अच्छा सपोर्ट देती हैं और आरामदायक हैं। हालांकि अगर थोड़ा सा कुशन सपोर्ट और बढ़ाया जाता तो और अच्छा रहता। ड्राइवर सीट को हाईट के मुताबिक ऊपर-नीचे करने की सुविधा दी गई है। स्टीयरिंग को केवल ऊपर-नीचे ही एडजस्ट किया जा सकता है। हालांकि स्टीयरिंग को थामना और इस्तेमाल करना आसान है। यहां ज्यादा मुश्किल नहीं होगी।

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पीछे की सीटें फ्लैट हैं, यहां भी कुशन सपोर्ट थोड़ा और बेहतर हो सकता था। 2 लोगों के बैठने के लिए यहां पर्याप्त जगह है लेकिन तीसरे पैसेंजर के लिए जगह तंग हो सकती है। ग्रैंड आई-10 में दिए गए रियर एसी वेंट्स और सेंट्रल आर्मरेस्ट फीगो में देखने को नहीं मिलेंगे। हालांकि इस सेगमेंट में यह कोई बड़ा मामला नहीं है।

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अब आते हैं फीचर्स पर, फीगो के टॉप एंड वेरिएंट टाइटेनियम प्लस में वो सब कुछ मिलेगा जिसकी ख्वाहिश आप एक हैचबैक कार से रखते हैं। इसमें ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और केबिन को जल्दी ठंडा करने वाला मैक्स एसी बटन दिया गया है। मनोरंजन के लिए यहां इंटीग्रेटेड म्यूजिक सिस्टम मिलेगा। इसमें ब्लूटूथ, ऑक्स और यूएसबी कनेक्टिविटी की सुविधा मिलेगी। फोर्ड का सिंक सिस्टम भी मिलेगा, जिसमें वॉयस कमांड से कॉल और म्यूजिक प्ले किया जा सकता है।

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स्टीयरिंग व्हील ईकोस्पोर्ट जैसा ही है और इसमें मल्टी फंक्शन बटन दिए गए हैं। स्टीयरिंग व्हील पर अच्छी ग्रिप मिलती है। हालांकि फोर्ड के स्टैण्डर्ड के हिसाब से यह थोड़ा हल्का महसूस होता है।

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अगर आप टाइटेनियम वेरिएंट चुनते हैं तो यहां आपको इंफोटेंमेंट सिस्टम में स्क्रीन और फोर्ड का सिंक सिस्टम नहीं मिलेगा। इसकी जगह आपको माईडॉक मिलेगा जिसमें स्मार्टफोन को कनेक्ट कर सकते हैं (जैसा कि आप ऊपर दी गई इमेज में देख सकते हैं)। इसमें फोन को म्यूजिक के अलावा नेविगेशन के लिए भी काम में लिया जा सकता है।

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वैसे देखा जाए तो आपको फीगो में वह सब कुछ मिलेगा जिसकी उम्मीद एक हैचबैक से की जाती है। यहां 4 लोगों के बैठने की पर्याप्त जगह, केबिन और दरवाजों में अच्छे स्टोरेज़ पॉइंट और 257 लीटर का बूट स्पेस मौजूद है। कमी की बात करें तो फीगो के केबिन की बिल्ड क्वालिटी ग्रैंड आई-10 या फिर कहें तो टाटा बोल्ट जितनी बेहतर नहीं है। इन कुछ छोटी-मोटी बातों को दरकिनार कर दें तो हैचबैक सेगमेंट में फोर्ड फीगो एक अच्छा पैकेज़ है।

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इंजन और परफाॅरमेंस


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फोर्ड फीगो को 2 पेट्रोल व एक डीज़ल इंजन ऑप्शन के साथ उतारा गया है। ज्यादा पावर वाले पेट्रोल इंजन के साथ 6-स्पीड ड्यूल क्लच ऑटोमैटिक और कम ताकतवर इंजन के साथ 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स मिलेगा।

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1.2 लीटर टीआई-वीसीटी


यह इंजन सिटी राइडिंग के लिए बेस्ट ऑप्शन है लेकिन हाईवे पर इसकी परफॉर्मेंस थोड़ी कमजोर लग सकती है। अगर आपको इससे ज्यादा पावर चाहिये तो इंजन पर दबाव डालना होगा। इस दौरान इंजन का शोर आपको ज्यादा लग सकता है। वहीं अगर आप इसे सीधे और संतुलित तरीके से चलाते हैं तो यह आपको अच्छा माइलेज़ देगा। इंजन की बात करें तो यह सिटी कार जैसी जरुरतों के लिए बेहतर है। इस सेगमेंट में पेट्रोल इंजन की बात करें तो मारूति स्विफ्ट में लगा 1.2 लीटर का के-सीरीज़ इंजन एक तरह से बेंचमार्क बना हुआ है। जिसमें माइलेज़ और परफॉर्मेंस का अच्छा बैलेंस मिलता है।

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1.5 लीटर टीआई-वीसीटी


यह इंजन केवल टाइटेनियम वेरिएंट में ही उपलब्ध है। इसमें 6-स्पीड ड्यूल क्लच ऑटामैटिक गियरबॉक्स दिया गया है। हालांकि परफॉरमेंस के मामले में इसे ठीक-ठाक ही कहा जा सकता है। इंजन से मिलने वाला टॉर्क दमदार परफॉरमेंस के लिहाज़ से कम लगता है। हालांकि इंजन और ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का मेल अच्छा है। कार अच्छा माइलेज़ देती है। पेट्रोल सेगमेंट में उपलब्ध ग्रैंड आई-10 ऑटोमैटिक के मुकाबले फीगो के इंजन-गियरबॉक्स को ज्यादा बेहतर कहा जा सकता है।

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1.5 लीटर टीडीसीआई


डीज़ल इंजन जरूर रोमांचक अहसास देने वाला है। 100 पीएस की ताकत और हल्का वज़न इसे एक फुर्तीली कार बनाते हैं। कम आरपीएम पर अच्छा टॉर्क मिलता है, जो प्रभावित करने वाला है। कार की परफॉरमेंस भी अच्छी है। हालांकि केबिन के अंदर आपको थोड़ा शोर और वाइब्रेशन महसूस हो सकता है। फीगो डीज़ल की परफॉरमेंस को देखते हुए इन चीजों को अनदेखा किया जा सकता है। डीज़ल इंजन वाली फीगो में अच्छी परफॉरमेंस और बेहतर माइलेज दोनों ही मिलेगा।

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राइड और हैंडलिंग


फीगो के सस्पेंशन स्विफ्ट के मुकाबले ज्यादा स्मूद महसूस होते हैं। इसके सस्पेंशन को आरामदायक राइड देने के लिए ट्यून किया गया है। यह झटकों को आसानी से सोख लेते हैं। हालांकि पीछे के पैसेंजर्स को थोड़े ज्यादा झटके महसूस हो सकते हैं। इलेक्ट्रिक पावर स्टीयरिंग फोर्ड की बाकी कारों के मुकाबले बहुत हल्का महसूस होता है। राइड के दौरान स्टीयरिंग बहुत अच्छा फीडबैक नहीं देता है। हालांकि शहर के बंपर-टू-बंपर ट्रैफिक में तो यह अच्छा रहता है लेकिन हाइवे की तेज़ रफ्तार ड्राइविंग में यह थोड़ा नर्वस कर सकता है। तेज़ रफ्तार में मुड़ने के दौरान फीगो का बैलेंस बना रहता है। कार संतुलन नहीं खोती है। इसके टायर थोड़े पतले हैं इस वजह से सड़क पर इसकी ग्रिप कंमजोर लग सकती है।

ब्रेकिंग के लिए आगे डिस्क और पीछे ड्रम ब्रेक्स दिए गए हैं। तेज़ रफ्तार में ब्रेकिंग के दौरान कार इधर-उधर नहीं होती। ब्रेक पैडल भी अच्छी प्रतिक्रिया देते हैं। टेस्टिंग के दौरान कई तरह से की गई ब्रेकिंग में भी कार संतुलित बनी रही।

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वेरिएंट


फीगो को 5 वेरिएंट के साथ पेश किया गया है। इसके बेस वेरिएंट में एसी को छोड़कर कोई खास फीचर नहीं है। एम्बिएंट वेरिएंट में ड्यूल एयरबैग को स्टैण्डर्ड तौर पर शामिल किया गया है। इसके अलावा पैसेंजर साइड मिरर, फ्रंट पावर विंडो और सिल्वर फिनिश ग्रिल भी यहां देखने को मिलेगी। इसके ट्रेंड वेरिएंट में रिमोट अनलॉक, 4 स्पीकर वाला म्यूजिक सिस्टम और स्टीयरिंग माउंटेड कंट्रोल के साथ विंग मिरर और चारों पावर विंडो जैसे फीचर्स मिलेंगे। टाइटेनियम वेरिएंट में फ्रंट फॉग लैंप्स, रियर डिफॉगर, क्लाइमेट कंट्रोल के साथ एबीडी-ईबीडी दिए हैं। टाइटेनियम प्लस टॉप एंड वेरिएंट है जिसमें साइड और कर्टन एयरबैग, म्यूजिक सिस्टम के लिए 4.2 इंच की स्क्रीन और वॉयस कमांड फीचर्स से लैस किया गया है।

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सेफ्टी


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फीचर्स की बात करें तो इसके टॉप टाइटेनियम प्लस वेरिएंट में 6 एयरबैग दिए हुए है, वहीं ड्यूल एयरबैग स्टैण्डर्ड हैं। एबीडी व ईबीडी के साथ ऑटोमैटिक वेरिएंट में हिल लॉन्च असिस्ट और ईएसपी जैसे फीचर्स भी मौजूद हैं। इस सेगमेंट की यह इकलौती कार है जिसमें छह एयरबैग्स दिए गए हैं।

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निष्कर्ष


सिटी के लिए फीगो एक शानदार हैचबैक है जिसमें फीचर्स भी हैं, पावर और माइलेज भी मौजूद है। हालांकि अंदर और बाहर क्वालिटी के मामले में थोड़ी कमतर जरूर है लेकिन यह चिंता की बात नहीं है। 1.2 लीटर पेट्रोल इंजन की पावर थोड़ी कम है लेकिन फिर भी यह ठीक है, वहीं 1.5 लीटर इंजन ऑटोमैटिक के साथ है। अगर आप ‘फन टू ड्राइव’ कार लेने के बारे में सोच रहे हैं तो इसका डीज़ल वर्जन आपके लिए ही है। कुल मिलाकर देखा जाए तो फोर्ड फीगो का यह नया अवतार बी-2 सेगमेंट में स्विफ्ट, बोल्ट और ग्रैंड आई-10 को कड़ी टक्कर देने की क्षमता रखता है।