डैटसन RediGO

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डैटसन RediGO मॉडल और कीमत

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भारत में डैटसन RediGO के रिव्यू

 

हाईलाइट्स


7 जून 2016 : डैटसन ने अपनी एंट्री लेवल हैचबैक रेडी-गो को लॉन्च कर दिया है। कार की शुरूआती कीमत 2.39 लाख रूपए रखी गई है, जो 3.34 लाख रूपए तक जाती है। कार के कुल पांच वेरिएंट उतारे गए हैं, जिसमें डी, ए, टी, टी (ओ) और एस वेरिएंट शामिल है। डैटसन रेडी-गो को रेनो-निसान के गठबंधन वाले सीएमएफ-ए प्लेटफार्म पर बनाया गया है। रेडी-गो में रेनो क्विड का 800 सीसी का पेट्रोल इंजन दिया गया है। जो 54 पीएस की पावर और 72 एनएम का टॉर्क देता है। कार का माइलेज 25.17 किमी प्रति लीटर है। कार का क्लच और स्टीयरिंग हल्का है। ट्रैफिक भरे रास्तों में इसे चलाना आसान होगा। कार की राइड क्वालिटी अच्छी है। सस्पेंशन भी अच्छा रिस्पॉन्स देता है। इसका मुकाबला मारूति सुज़ुकी ऑल्टो-800, हुंडई इयॉन और रेनो क्विड से है।

ओवरव्यू


बड़े शहरों की कारों से लदी पड़ी सड़कों को देखा जाए तो छोटी कारों की अहमियत साफतौर पर झलकती है। छोटी कारों का सगमेंट हमेशा से भारतीय कार बाज़ार और ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण रहा है। लगभग हर कंपनी यहां अपनी छोटी कार के साथ मौजूद है। निसान ने भी डैटसन ब्रांड को यहां उतारा और गो हैचबैक के साथ-साथ गो प्लस एमपीवी को पेश किया। दोनों कारें यहां बहुत करिश्मा नहीं कर सकीं। अब डैटसन ने तीसरी कोशिश की है और रेडी-गो को यहां उतारा है। आइए जानते हैं कि डैटसन की यह नई पेशकश कितनी अलग और खास है...

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प्लस पॉइंट


1. कार काफी कॉम्पैक्ट है, शहरों की तंग जगह के लिहाज से यह परफेक्ट है।
2. हल्का और स्मूद स्टीयरिंग व्हील, बम्पर टू बम्पर ट्रैफिक में इसकी ड्राइविंग को आसान बनाता है।
3. रेनो क्विड की तरह 25.17 किमी प्रति लीटर का बेहतर माइलेज।

मइनस पॉइंट


1. कार में इस्तेमाल की गई सामग्री की क्वालिटी और फिनिशिंग थोड़ी और बेहतर हो सकती थी।
2. टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और क्विड जैसे डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर का न होना थोड़ा मायूस करता है।
3. एक ही एयरबैग दिया गया है, वो भी केवल टॉप वेरिएंट में ही उपलब्ध है। जबकि एबीएस किसी वेरिएंट में नहीं मिलेगा।

फीचर्स जो बनाते हैं इसे खास


1. ग्राउंड क्लीयरेंस के मामले में सेगमेंट की सभी कारों से आगे। रेडी-गो का ग्राउंड क्लीयरेंस 185 एमएम है, जबकि रेनो क्विड का ग्राउंड क्लीयरेंस 180 एमएम है।
2. एलईडी डे-टाइम रनिंग लैंप्स दिए गए है, जो रेडी-गो को यूनिक बनाते हैं।

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एक्सटीरियर


डैटसन रेडी-गो को ‘टेल बॉय’ डिजायन में पेश किया गया है। पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहकों को यह कार काफी आकर्षित करने की क्षमता रखती है और ऐसे ग्राहकों के लिए बेहतर ऑप्शन भी है। कार को और बेहतर लुक देने के लिए कंपनी ने इसकी पांच आॅप्शल एक्सेसरीज किट भी उतारी गई हे। इसमें ईजी किट - स्पोर्टी, ईजी किट - प्रीमियम, कूल किट, अर्बन किट और स्टाइल किट शामिल है।
रेनो क्विड की तरह डैटसन रेडी-गो भी कॉन्सेप्ट के काफी करीब है। यह हूबहू वैसी ही है, जैसा कि इसका कॉन्सेप्ट था। इसके फ्रंट में बड़ी हैक्सागोनल हनीकॉम्ब ग्रिल, स्मोक्ड आउट स्वैप्टबैक हैडलैंप्स और बड़ा बम्पर दिया गया है। ग्रिल के चारों ओर क्रोम फिनिशिंग दी गई है। इसके अलावा यहां पर डे-टाइम रनिंग लैंप्स भी मिलेंगे, ये फीचर इसे यूनिक यानी अलग दिखने वाली कार बनाते हैं। पीछे की तरफ नीचे की ओर ध्यान दें तो यहां रेडी-गो को फॉक्स स्किड प्लेट दी गई है।

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साइड प्रोफाइल में ध्यान दें तो यहां कर्व और कैरेक्टर लाइनें दी गई हैं। इनमें एक कर्व लाइन हैडलैंप्स से शुरू होकर टेललैंप्स तक जाती है। दूसरी कर्व लाइन फ्रंट डोर से शुरू होकर टेल लैंप्स तक जाती है। हालांकि यहां अलॉय व्हील की मौजूदगी इसे और प्रभावशाली बना सकती थी।

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अब आते हैं पीछे की तरफ। यहां बूमरैंग शेप के टेललैंप्स दिए गए हैं, जो कार को पीछे से ट्रेंडी लुक देते हैं। पीछे वाले बम्पर के नीचे भी फॉक्स स्किड प्लेट लगाई गई है, जो इसे आकर्षक बनाती है। इसके डिजायन को देखकर कहा जा सकता है रेडी-गो को तैयार करने में डैटसन ने काफी मेहनत की है। क्विड के बाद यह सेगमेंट में नए और आकर्षक डिजायन वाली कार है।

इंटीरियर


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कार में बैठते ही आपको चारों ओर ग्रे कलर दिखाई देगा। केबिन में डैशबोर्ड, डोर पैड्स, गियर लीवर और सीटों पर ग्रे कलर का इस्तेमाल किया गया है। इसका डैशबोर्ड भी काफी अच्छा और आकर्षक है। यह डैटसन की गो और गो प्लस जैसा नहीं है। इसके अलावा रेडी-गो में स्मार्ट लुकिंग वाला ग्लॉसी ब्लैक सेंटर कंसोल भी दिया गया है। इसका म्यूजिक सिस्टम यूएसबी और ऑक्स कनेक्टिविटी सपोर्ट करता है। हालांकि यहां पर आपको ब्लूटूथ कनेक्टिविटी का ऑप्शन नहीं मिलेगा।

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अब बात करते हैं कार में उपलब्ध स्टोरेज स्पेस की। इसका कप होल्डर स्पेस सेगमेंट की सभी कारों से बेहतर है। डोर पैड्स में सीमित स्टोरेज मिलेगा। ग्लोव बॉक्स में इतना स्पेस है कि आप गाड़ी के डॉक्यूमेंट और अन्य उपयोगी कागजात बेहतर तरीके से रख सकते हैं। रेडी-गो का बूट स्पेस 222लीटर है, हालांकि रेनो क्विड की तुलना में यह कम है। क्विड का बूट स्पेस 300 लीटर का है। दो मीडियम साइज के बैग और छोटा-मोटा सामान रखने के हिसाब से रेडी-गो का बूट स्पेस सही है। पीछे की सीट पर नी रूम और हैडरूम को लेकर कोई समस्या नहीं होगी। पीछे की सीट में शोल्डर स्पेस थोड़ा तंग है। तीन पैसेंजर बैठने पर उनके कंधे एक-दूसरे से टच होंगे। रेडी-गो की सीटें आरामदायक हैं इनमें अच्छा बैक और थाई सपोर्ट मिलता है। हालांकि पीछे की तरफ फोल्डिंग हैडरेस्ट और एडजस्टेबल हैडरेस्ट नहीं मिलेगा।

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आगे की सीटों की बात करें तो यह भी आरामदायक हैं। हालांकि यह ऊपर की तरफ से कम चौड़ी हैं। लंबे कद के ड्राइवर के हिसाब से स्टीयरिंग व्हील और सीट के बीच की जगह थोड़ी तंग महसूस होती है। औसत कद वालों को इसमें कोई दिक्कत नहीं होगी। कुल मिलाकर देखा जाए तो रेडी-गो में मारूति सुज़ुकी ऑल्टो-800 से ज्यादा जगह मिलेगी।

इंजन


डैटसन रेडी-गो को रेनो-निसान के संयुक्त गठबंधन वाले सीएमएफ-ए प्लेटफार्म पर बनाया गया है। इसी प्लेटाफार्म पर रेनो क्विड भी बनी है। रेडी-गो में रेनो क्विड का 800 सीसी पेट्रोल इंजन दिया गया है। जो 54 पीएस की पावर और 72 एनएम का टॉर्क देता है। यह इंजन 25.17 किमी प्रति लीटर का माइलेज देता है। कार की टाॅप स्पीड 140 किलोमीटर प्रति घंटा है। 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पर पहुंचने में इसे 15.9 सेकंड का समय लगता है। रेडी-गो दरअसल एक परफॉर्मेंस कार न होकर एक प्रैक्टिकल कार है जिसे शहरी यातायात की जरूरतों को देखते हुए तैयार किया गया है। अच्छे फीचर्स और माइलेज़ इसकी खासियत है। अगर आप इसे आराम से चलाएं तो यह 21.17 किलोमीटर प्रति लीटर तक का माइलेज़ दे सकती है।
अगर कोई पहली बार कार खरीद रहा है या फिर टू-व्हीलर से फोर व्हीलर में शिफ्ट होना चाहता है तो उसके लिए डैटसन रेडी-गो अच्छा विकल्प है। इसका क्लच काफी हल्का और स्मूद है, जिससे यह सिटी के बम्पर टू बम्पर ट्रैफिक में आसानी से चल सकती है। इसकी कॉम्पैक्ट साइज ऐसी है कि तंग पार्किंग में भी इसे आसानी से पार्क किया जा सकता है। कार का एनवीएच (नोइस वाइब्रेशन हार्षनेस) लेवल भी ज्यादा बुरा नहीं है। हालांकि मारूति ऑल्टो से इसकी तुलना की जाए तो इसके एनवीएच लेवल में कुछ सुधार की गुंजाइस है। कार में बैठकर बाहर देखने में कोई दिक्कत नहीं आती है।

राइड और हैंडलिंग


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डैटसन रेडी-गो और रेनो क्विड एक ही प्लेटफार्म पर बनी है, इसके बावजूद दोनों कारों का सस्पेंशन सेट-अप अलग-अलग है। रेडी-गो में पीछे की तरफ एच शेप बीम सस्पेंशन दिया गया है। इसका फायदा यह है कि लम्बी ड्राइव में भी आपको थकान महसूस नहीं होगी। खराब सड़कों और छोटे गड्ढों के झटकों को यह सस्पेंशन आराम से सोख लेता है। इस सेगमेंट में रेडी-गो ही इकलौती कार है जिसमें यह सस्पेंशन दिया गया है। डैटसन की पुरानी कारों की तुलना में रेडी-गो की हैंडलिंग काफी अच्छी है। हालांकि मारूति सुज़ुकी ऑल्टो-800 की तुलना में इसका स्टीयरिंग व्हील थोड़ा कम रिस्पॉन्स देता है। खासतौर पर यह समस्या कार को यूटर्न लेने के दौरान सामने आती है। इसका कारण है कार के छोटे टायर। हमने गहनता से पता लगाने के लिए दो अलग-अलग बजट वाली कारों पर टेस्ट ड्राइव ली, जिनके व्हील रेडी-गो के जितने बड़े थे। छोटे टायर के कारण उनमें भी ऐसी ही समस्या देखने को मिली।
ब्रेकिंग और सुरक्षा के मामले में रेडी-गो से थोड़ी मायूसी हो सकती है। ब्रेकिंग के लिए इसके पैडल को काफी ज्यादा दबाना पड़ता है। इसके अलावा कार में एबीएस का भी अभाव है। रेडी-गो के किसी भी वेरिएंट में एबीएस नहीं दिया गया है। इन सब के अलावा दूसरा मुद्दा है एयरबैग का। रेडी-गो के केवल टॉप वेरिएंट में एक एयरबैग दिया गया है। बाकि किसी भी वेरिएंट में एयरबैग का विकल्प नहीं मिलेगा।

सेफ्टी



इस सेगमेंट की कारों में करीब-करीब हर कंपनी पैसेंजर सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं रहती हैं। हालांकि डैटसन ने रेडी-गो में कुछ सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं, जो सुरक्षा के लिहाज़ से इसे बेहतर बनाते हैं। कंपनी का दावा है कि इसमें ‘प्रो-सेफ-7’ सेफ्टी मैकेनिज़्म दिया गया है। इसके तहत कार की बॉडी और उसका अंदरूनी ढांचा काफी मजबूती से तैयार किया जाता है और दुर्घटना के दौरान कार और पैसेंजर को गंभीर नुकसान होने की संभावना घट जाती है। इसके अलावा यहां इलेक्ट्रिक पावर स्टीयरिंग में इंपैक्ट अब्जॉर्बिंग फीचर भी दिया गया है। जो दुर्घटना की स्थिति में लगने वाले झटके को सोख (अब्जॉर्ब) लेता है।
इनके अलावा टॉप वेरिएंट में ड्राइवर साइड एयरबैग का विकल्प भी दिया गया है। ड्राइविंग के दौरान सही पोजिशन बनी रहे इसके लिए सीटों के किनारों को चौड़ा रखा गया है, इसमें लंबर सपोर्ट भी दिया गया है। हालांकि यहां पर एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस) का विकल्प किसी भी वेरिएंट में नहीं मिलेगा।

वेरिएंट



डैटसन रेडी-गो को कुल पांच वेरिएंट में उतारा गया है, जिसमें डी, ए, टी, टी (ओ) और टीएस वेरिएंट शामिल है। यहां डी बेस वेरिएंट है, जबकि टीएस टॉप वेरिएंट है। अन्य सभी मिड वेरिएंट में आते हैं। शुरूआत करते हैं बेस वेरिएंट डी से। बेस वेरिएंट होने के कारण इसमें फीचर्स सीमित ही मिलेंगे। यहां आपको बॉडी कलर वाले बंपर, पावर स्टीयरिंग, एयर कंडिशनर और इंजन इमोब्लिाइजर जैसे फीचर नहीं मिलेंगे। इस से ऊपर के वेरिएंट में पावर स्टीयरिंग को छोड़कर सभी फीचर्स स्टैंडर्ड तौर पर दिए गए हैं।
टी, टी (ओ) और एस वेरिएंट में ही पावर स्टीयरिंग मौजूद है। इसके अलावा ऊपर के वेरिएंट में सिल्वर फिनिश वाला स्टीयरिंग व्हील, एसी वेंट्स और पियानो ब्लैक सेंटर कंसोल मिलेगा। यह कार के केबिन में प्रीमियम अहसास देते हैं।
केवल टी (ओ) और टॉप वेरिएंट एस में ही ऑडियो सिस्टम दिया गया है, जो सीडी/एमपी-3, यूएसबी और ऑक्स कनेक्टिविटी सपोर्ट करता है। ऑडियो सिस्टम फ्रंट में लगे दो स्पीकर्स से जुड़ा है। इसके अलावा इन दोनों वेरिएंट में फ्रंट पावर विंडो भी दी गई हैं। वहीं एस वेरिएंट में ड्राइवर साइड एयरबैग और डे-टाइम रनिंग लाइट का विकल्प भी मौजूद है।

निष्कर्ष


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डैटसन रेडी-गो उन लोगों के लिए ज्यादा बेहतर है जो पहली बार कार खरीद रहे हैं या फिर टू-व्हीलर से कार में शिफ्ट हो रहे हैं। ड्राइविंग सीखने और ड्राइविंग को बेहतर बनाने के लिहाज़ से रेडी-गो एक उम्दा कार है। अगर किसी को अच्छा माइलेज़, स्पेस, राइड क्वालिटी और फीचर वाली एंट्री लेवल कार चाहिये तो रेडी-गो अच्छा विकल्प है। रोजमर्रा के इस्तेमाल में यह कार ड्राइविंग और पार्किंग के लिहाज से आसान और आरामदायक है, इसका माइलेज़ भी काफी बेहतर है।